Nalanda news। राजगीर थाना क्षेत्र के धमार गांव में नहर के तेज बहाव में डूबने से सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव निवासी उमेश पंडित की पुत्री मंगली कुमारी के रूप में हुई है। वह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थी।
बताया जाता है कि मंगली गांव के ही दो-तीन बच्चों के साथ खेत की ओर शौच के लिए गई थी। लौटने के दौरान वह नहर किनारे हाथ-पैर धोने लगी। इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह तेज धार में बह गई।
सुनसान स्थान होने के कारण साथ मौजूद बच्चे शोर नहीं मचा सके और दौड़कर परिजनों को सूचना दी। ग्रामीणों ने काफी खोजबीन के बाद घटनास्थल से दूर बच्ची का शव बरामद किया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना पर राजगीर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया।
सदर अस्पताल में रातभर पोस्टमार्टम नहीं होने का आरोप
मृतका के भाई राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि रात में शव लेकर सदर अस्पताल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम को लेकर टालमटोल की गई और सुबह तक कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने कुछ स्वास्थ्यकर्मियों पर नशे की हालत में होने और बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया है।
इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत प्राप्त होने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि नहर में डूबने से बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।