भागलपुर: फर्जी सरकारी कागजात तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ भागलपुर पुलिस की साइबर थाना टीम ने कार्रवाई करते हुए सारण जिले के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान सारण जिले के महेश छपरा गांव निवासी पप्पू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तथा छापेमारी कर रही है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि भागलपुर जिले में गैरकानूनी तरीके से आधार पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, स्थायी खाता संख्या कार्ड और राशन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार कर इस्तेमाल किए जाने की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और पहले जानकारी का सत्यापन कराया।
एसएसपी के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले की सूचना एसएसपी प्रमोद कुमार को मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी अतुलेश झा की निगरानी में साइबर थाने की टीम ने कार्रवाई शुरू की। साइबर थाने के डीएसपी सह थानाध्यक्ष के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने छापेमारी कर पप्पू कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपित के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में उसकी क्या भूमिका थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पहले भी दो आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। साइबर थाने की टीम इसी केस से जुड़े दो आरोपितों को पहले गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। अब पप्पू कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को नेटवर्क के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल पहचान, पते, जाति और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किया जा सकता है। यदि किसी फर्जी दस्तावेज का गलत तरीके से इस्तेमाल होता है तो उससे सरकारी रिकॉर्ड और नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पूछताछ में कई कड़ियों का पता चलने का दावा
शुरुआती पूछताछ में पुलिस के सामने आरोपित के कथित तौर पर कई अन्य लोगों और अंतरजिला नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार उसके तार कई राज्यों में सक्रिय अंतरजिला अपराधियों और फर्जी कागजात बनाने वाले नेटवर्क से जुड़े होने की दिशा में जांच की जा रही है। हालांकि, इन कड़ियों की पूरी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब मोबाइल फोन और पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों को समझने की कोशिश कर रही है। दस्तावेज किस तरह तैयार किए जाते थे, इनके लिए जरूरी जानकारी कहां से हासिल होती थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था, जैसे बिंदुओं पर भी जांच आगे बढ़ने की संभावना है।

अंतरजिला नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
मामले में सारण जिले के आरोपित की गिरफ्तारी से जांच का दायरा भागलपुर से बाहर तक पहुंच गया है। पुलिस अंतरजिला स्तर पर जुड़े संदिग्धों की पहचान करने के लिए जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी सरकारी कागजात के मामलों में डिजिटल तकनीक और मोबाइल संचार की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी कारण साइबर थाना टीम डिजिटल साक्ष्यों और आरोपितों के संपर्कों की जांच पर भी ध्यान दे रही है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से नेटवर्क के पूरे संचालन और इससे जुड़े लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
अन्य आरोपितों की पहचान पर नजर
पप्पू कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की प्राथमिकता अब गिरोह में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की है। इसके लिए पूछताछ से मिली जानकारी का सत्यापन और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग सक्रिय थे।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपितों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

