पावापुरी: भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (बीमिम्स) के गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार को खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद छात्राओं ने जमकर विरोध जताया। छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में हंगामा करते हुए भोजन की व्यवस्था को लेकर कॉलेज प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। स्थिति की सूचना मिलने पर स्थानीय ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं को समझाकर मामला शांत कराया।
खाना बनाने वाली जगहों की बिजली कराई गई बंद
जानकारी के अनुसार, हॉस्टल के कुछ स्थानों पर छात्राएं बिजली का इस्तेमाल कर खाना बना रही थीं। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्राचार्य डॉ. सर्विल कुमारी के निर्देश पर खाना बनाने वाली जगहों की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई।
बिजली बंद होने के बाद छात्राओं के सामने भोजन तैयार करने की समस्या खड़ी हो गई। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्राएं एकजुट होकर कॉलेज प्रशासन के फैसले का विरोध करने लगीं।
मेस के खाने को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी
विरोध कर रही छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं की भोजन संबंधी पसंद एक जैसी नहीं है। कुछ छात्राएं मेस में भोजन करती हैं, जबकि कई छात्राएं अपनी पसंद के अनुसार खुद खाना बनाती हैं या बाहर से भोजन मंगाकर खाती हैं।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेस का खाना उनकी पसंद और गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है। ऐसे में खुद खाना बनाने या बाहर से भोजन मंगाने का विकल्प उनके लिए जरूरी है।
वहीं, मेस प्रभारी की ओर से छात्राओं को मेस का ही भोजन करने के लिए कहा जा रहा था। हॉस्टल में अलग से खाना बनाने या बाहर से भोजन मंगाकर खाने की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आने के बाद छात्राओं की नाराजगी और बढ़ गई।
पुलिस पहुंची, समझाने के बाद शांत हुआ मामला
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस हॉस्टल परिसर में पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें शांत कराया। छात्राओं ने प्राचार्य से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने की मांग की।
छात्राओं का कहना था कि यदि हॉस्टल में बिजली से खाना बनाना सुरक्षा नियमों के खिलाफ है तो कॉलेज प्रशासन को इसके बदले सुरक्षित और उचित वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशासन ने सुरक्षा का दिया हवाला
कॉलेज प्रशासन की ओर से हॉस्टल में बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल को सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण बताया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, अधिक क्षमता वाले विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने या अन्य हादसे की आशंका हो सकती है। इसी को देखते हुए खाना बनाने वाली जगहों की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई है।
समाधान की मांग पर अड़ी छात्राएं
बुधवार शाम तक छात्राओं और प्राचार्य के बीच सीधी वार्ता नहीं हो सकी थी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हॉस्टल का माहौल शांत जरूर हो गया, लेकिन छात्राओं की नाराजगी बनी हुई थी।
अब कॉलेज प्रशासन के सामने छात्राओं के भोजन से जुड़ी समस्या का सुरक्षित और स्थायी समाधान निकालने की चुनौती है। छात्राओं की मांग है कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उनके लिए भोजन की उचित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।