त्योहारों के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त, फ्रेजर रोड स्थित प्रतिष्ठान की जांच में भंडारण, स्वच्छता, वेंटिलेशन और रिकॉर्ड व्यवस्था में मिली कमियां
पटना: त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर बिहार स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में फ्रेजर रोड, पटना स्थित मेसर्स बंसी विहार रेस्तरां का खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई मानकों के अनुपालन में कमियां सामने आईं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 7 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और उनकी प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों को विभिन्न जिलों में प्रतिष्ठानों की जांच करने और खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। नियमों में कमी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

निरीक्षण में 112 में मिले 63 अंक
बंसी विहार रेस्तरां के निरीक्षण के दौरान कुल 112 अंकों में से 63 अंक मिले। यह कुल 57 प्रतिशत है। विभागीय निरीक्षण के अंतिम परिणाम में प्रतिष्ठान को गैर-अनुपालन (Non-Compliance) श्रेणी में रखा गया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान की बुनियादी व्यवस्था से लेकर खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता तक कई पहलुओं की पड़ताल की। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य पदार्थों और पैकेजिंग सामग्री के उचित भंडारण में कमी पाई गई। इसके अलावा पर्याप्त वेंटिलेशन, उपकरणों की उपयुक्तता, फर्श की स्थिति तथा दीवारों और छत की दशा से जुड़े मानकों में भी खामियां दर्ज की गईं।
पेयजल से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता को लेकर भी प्रतिष्ठान को निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से इन व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि भोजन तैयार करने और रखने की प्रक्रिया में स्वच्छता की छोटी सी चूक भी उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
कच्चे माल से लेकर कटरी-क्रॉकरी तक जांच
निरीक्षण के दौरान केवल परिसर की साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों को तैयार करने और परोसने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की गई। अधिकारियों को कच्चे माल की सफाई, खाद्य उपकरणों की स्वच्छता तथा कटरी और क्रॉकरी की सफाई में कमियां मिलीं।


इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के सुरक्षित परिवहन और उनकी पोर्शनिंग के दौरान स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। विभागीय निरीक्षण में इन क्षेत्रों में भी सुधार की जरूरत सामने आई।
खाद्य प्रतिष्ठानों में आने वाली खाद्य सामग्री का रिकॉर्ड और उसके उपयोग की प्रक्रिया भी खाद्य सुरक्षा का अहम हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान FIFO और FEFO व्यवस्था के उचित अनुपालन में भी कमी पाई गई।
FIFO यानी पहले आई सामग्री का पहले उपयोग और FEFO यानी जिसकी उपयोग अवधि पहले समाप्त होने वाली हो, उसका पहले इस्तेमाल किया जाना खाद्य सामग्री के सुरक्षित प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कैलिब्रेशन और पेस्ट कंट्रोल के रिकॉर्ड भी मांगे
रखरखाव और स्वच्छता से संबंधित निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मापने एवं निगरानी करने वाले उपकरणों का निर्धारित समय पर कैलिब्रेशन नहीं कराया गया था।


इसके अलावा प्रतिष्ठान को पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र सहित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। खाद्य प्रतिष्ठानों में कीट नियंत्रण से संबंधित दस्तावेज और नियमित निगरानी भी स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विभाग की जांच में खाद्य संचालकों की व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। हालांकि, कर्मचारियों के वार्षिक चिकित्सा परीक्षण और टीकाकरण से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
14 दिनों में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद खाद्य कारोबार संचालक को FSSR, 2011 के प्रावधानों एवं धारा-IV के तहत आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए 14 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
विभाग ने सुधार नोटिस प्राप्त होने तक प्रतिष्ठान को बंद रखने का निर्देश भी दिया है। साथ ही खाद्य सामग्री के भंडारण और उपयोग के दौरान FIFO एवं FEFO नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।


यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, डेयरी उत्पाद, पैकेज्ड फूड और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। बिहार में खाद्य सुरक्षा विभाग पहले भी राज्यभर में निरीक्षण और नमूना संग्रहण अभियान चला चुका है। हालिया राज्यव्यापी अभियान में 812 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए जाने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में अभियोजन की कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।
राज्यभर में जारी रहेगा खाद्य सुरक्षा अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर निरीक्षण और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखें और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण तथा उचित हैंडलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण से लेकर प्रयोगशाला जांच तक की प्रक्रिया भी जारी रखी जा रही है। विभाग का जोर इस बात पर है कि उपभोक्ताओं को बाजार और खाद्य प्रतिष्ठानों से सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।
त्योहारों के मौसम में बढ़ती खाद्य खपत के बीच यह निगरानी व्यवस्था उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बंसी विहार रेस्तरां की जांच में सामने आई कमियों के बाद अब प्रतिष्ठान को निर्धारित अवधि में सुधारात्मक कदम उठाने होंगे और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना होगा।

