बक्सर के सरकारी स्कूल में दो शिक्षकों पर गंभीर आरोप, नाबालिग की मां की शिकायत पर POCSO, BNS और IT Act में FIR; मुख्य आरोपित अरविंद कुमार गिरफ्तार, वीरेंद्र प्रसाद फरार, आरोपित शिक्षकों को बचाने के आरोप में प्रधानाध्यापक भी गिरफ्तार
बक्सर | संवाददाता शिक्षक और छात्र के रिश्ते को समाज में सबसे पवित्र रिश्तों में माना जाता है। लेकिन बक्सर के एक सरकारी स्कूल से सामने आया मामला इसी गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मसार करने वाला है। डुमरांव प्रखंड के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और बाद में उसी वीडियो के जरिए उसे धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अली अंसारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पुलिस ने प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार को 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद की तलाश जारी है।
नाबालिग की मां की शिकायत के बाद खुला मामला
मामले का खुलासा एक नाबालिग पूर्व छात्रा की मां की लिखित शिकायत के बाद हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने शिकायत में सामने आई नाबालिग की पहचान सत्यापित की है। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
शिकायत में छात्रा ने बताया है कि वह वर्ष 2024 में कक्षा छह में पढ़ती थी। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक अरविंद कुमार ने उससे संपर्क बढ़ाया। बाद में उसे बहाने से स्कूल के बाहर ले जाने और होटल में उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है। छात्रा के मुताबिक, इसी दौरान उसकी जानकारी के बिना उसका वीडियो भी बनाया गया।
वीडियो को हथियार बनाकर धमकाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, घटना के बाद कथित वीडियो के जरिए छात्रा पर दबाव बनाया जाने लगा। छात्रा ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कूल छोड़ने के बावजूद मामला खत्म नहीं हुआ।
मई 2026 में अरविंद कुमार पर दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद के फोन से छात्रा से संपर्क करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि उसे कथित वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई और दोबारा होटल में मिलने के लिए दबाव बनाया गया। वीरेंद्र प्रसाद पर भी वीडियो और ऑडियो के जरिए छात्रा को धमकाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित वीडियो कब बनाया गया, किस मोबाइल फोन में रखा गया और उसे किन लोगों के बीच प्रसारित किया गया। मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट, वीडियो और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
28 अगस्त को वीडियो सामने आने के बाद मचा हंगामा
मामला अगस्त के अंतिम सप्ताह में तेजी से सामने आया। 28 अगस्त के आसपास एक आपत्तिजनक वीडियो स्थानीय स्तर पर फैलने की बात सामने आई। वीडियो को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। 29 अगस्त को ग्रामीण स्कूल पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की।
शिकायत शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 31 अगस्त को जिला शिक्षा पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की। 2 सितंबर को अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद को निलंबित कर दिया गया। विभागीय स्तर पर भी पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
होटल तक पहुंची पुलिस की जांच
छात्रा की शिकायत में होटल का जिक्र होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। छात्रा से मिली जानकारी के आधार पर डुमरांव के कई होटलों की जांच की गई। पुलिस ने कुछ होटलों में जाकर रिकॉर्ड और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी जुटाई।
हालांकि जिस होटल में कथित घटना होने का आरोप है, उसकी निश्चित पहचान अभी जांच का हिस्सा है। पुलिस होटल के रजिस्टर, CCTV फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। डिजिटल साक्ष्य इस मामले में काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
प्रधानाध्यापक पर आरोप, फिर गिरफ्तारी
जांच के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अली अंसारी की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, उन पर दोनों शिक्षकों को बचाने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप है। इसके बाद प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी के बाद उनका राजकीय शिक्षक पुरस्कार से जुड़ा मामला भी चर्चा में आ गया। इमाम अली अंसारी का चयन वर्ष 2026 के राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ था। वह बक्सर जिले से इस पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक थे। मामला सामने आने के बाद उनके चयन पर भी कार्रवाई शुरू की गई।
अरविंद गिरफ्तार, वीरेंद्र की तलाश जारी
पुलिस ने 4 सितंबर को शिक्षक अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस उसकी तलाश में कई जगह दबिश दे चुकी थी। दूसरे आरोपित शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस मामले में छात्राओं की संख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ जगहों पर 12 छात्राओं के पीड़ित होने की बात कही गई, लेकिन पुलिस ने 12 छात्राओं के पीड़ित होने के दावे से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल इस संख्या को पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस के सामने कम से कम एक नाबालिग की शिकायत और उसकी पहचान सत्यापित होने की जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आई है।
शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों स्तर पर कार्रवाई जारी है। सरकार की ओर से भी मामले में सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कथित वीडियो, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल मामले में लगाए गए दुष्कर्म, ब्लैकमेल और अन्य आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।