Dinman Times
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: कमला हैरिस की ऐतिहासिक जीत: 7 नवंबर 2020 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति-निर्वाचित
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - राजनीति - कमला हैरिस की ऐतिहासिक जीत: 7 नवंबर 2020 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति-निर्वाचित

कमला हैरिस की ऐतिहासिक जीत: 7 नवंबर 2020 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति-निर्वाचित

प्रशांत कुमार
Last updated: नवम्बर 7, 2026 12:43 अपराह्न
By : प्रशांत कुमार
Published on : 20 सेकंड पहले
कमला हैरिस: अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति
कमला हैरिस: अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति
साझा करें

7 नवंबर 2020 अमेरिकी राजनीति और महिला प्रतिनिधित्व के इतिहास में एक यादगार तारीख बन गई। 3 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के बाद जब प्रमुख समाचार संस्थानों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन को विजेता घोषित किया, तब उनके साथ उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला देवी हैरिस भी उपराष्ट्रपति-निर्वाचित बनीं। इस घोषणा के साथ अमेरिका के 244 वर्ष के इतिहास में पहली बार एक महिला देश के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचने जा रही थी। हैरिस पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई मूल की अमेरिकी भी थीं जिन्हें इस पद के लिए चुना गया।

यह घोषणा केवल एक चुनावी जीत का समाचार नहीं थी। यह अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से चली आ रही लैंगिक और नस्ली प्रतिनिधित्व की सीमाओं के टूटने का प्रतीक बनी। भारतीय मूल की मां और जमैका मूल के पिता की बेटी कमला हैरिस की उपलब्धि ने अमेरिका के बहुसांस्कृतिक समाज को सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व में नई दृश्यता दी।

3 नवंबर का मतदान और 7 नवंबर की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 3 नवंबर 2020 को हुआ था। कोविड-19 महामारी के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं ने डाक मतपत्र और शुरुआती मतदान का विकल्प चुना। कई निर्णायक राज्यों में मतगणना कई दिनों तक जारी रही। इसी कारण चुनाव की रात अंतिम नतीजे स्पष्ट नहीं हो सके। 7 नवंबर को पेन्सिल्वेनिया में जो बाइडेन की बढ़त निर्णायक होने के बाद एसोसिएटेड प्रेस (AP) सहित प्रमुख समाचार संस्थानों ने बाइडेन-हैरिस टिकट को विजेता घोषित किया।

AP ने 7 नवंबर को पेन्सिल्वेनिया में बाइडेन की जीत का अनुमान घोषित किया और इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत की घोषणा की। चूंकि उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी उसी राष्ट्रपति टिकट पर निर्वाचित होते हैं, इसलिए कमला हैरिस को भी उपराष्ट्रपति-निर्वाचित कहा गया। यह ध्यान रखना जरूरी है कि मीडिया की घोषणा चुनावी परिणामों का पत्रकारिता-आधारित आकलन थी; यह सरकारी प्रमाणन या शपथ ग्रहण नहीं था।

Dinman Times ads 728-90

कमला हैरिस की ऐतिहासिक उपलब्धि: तीन बड़ी पहली बार

  • अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति: उनसे पहले किसी महिला ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद नहीं संभाला था।
  • पहली अश्वेत उपराष्ट्रपति: वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत अमेरिकी बनीं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी अश्वेत पहचान को स्वीकार किया है।
  • पहली दक्षिण एशियाई मूल की उपराष्ट्रपति: उनकी मां श्यामला गोपालन भारत के तमिलनाडु से अमेरिका आई थीं। इस कारण हैरिस भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के अमेरिकी समुदायों के लिए भी ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व का प्रतीक बनीं।

इन उपलब्धियों को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है। हैरिस पहली महिला थीं, पहली अश्वेत व्यक्ति थीं और पहली दक्षिण एशियाई मूल की व्यक्ति थीं जिन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद हासिल किया। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जमैका और भारत दोनों से जुड़ी है।

ये भी पढ़े

फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित: 7 नवंबर 1944 का ऐतिहासिक चुनाव
एलेनोर रूजवेल्ट: मानवाधिकारों की वैश्विक आवाज और संयुक्त राष्ट्र घोषणा की प्रमुख शिल्पकार
जैनेट रेनो: अमेरिका की पहली महिला अटॉर्नी जनरल और कानून के शासन की मुखर पैरोकार
सी. वी. रमन: रमन प्रभाव की खोज से नोबेल पुरस्कार तक, भारतीय विज्ञान के महान पुरोधा

जन्म, परिवार और शिक्षा

कमला देवी हैरिस का जन्म 20 अक्टूबर 1964 को कैलिफोर्निया के ओकलैंड में हुआ। उनकी मां श्यामला गोपालन भारत से अमेरिका आईं वैज्ञानिक और स्तन-कैंसर शोधकर्ता थीं। उनके पिता डोनाल्ड जे. हैरिस जमैका में जन्मे अर्थशास्त्री हैं। कमला और उनकी छोटी बहन माया का पालन-पोषण ऐसे परिवार में हुआ जहां नागरिक अधिकारों, शिक्षा और सामाजिक न्याय के प्रश्नों पर चर्चा होती थी।

उन्होंने वॉशिंगटन डी.सी. स्थित हावर्ड विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के हेस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की डिग्री प्राप्त की। हावर्ड में उनका अनुभव अश्वेत शैक्षणिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण दौर रहा।

अभियोजन और कैलिफोर्निया की राजनीति से राष्ट्रीय मंच तक

हैरिस ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत कैलिफोर्निया में अभियोजक के रूप में की। वह सैन फ्रांसिस्को की जिला अटॉर्नी चुनी गईं और बाद में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल बनीं। इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला और पहली अश्वेत व्यक्ति थीं। उनके कार्यकाल में उपभोक्ता संरक्षण, आपराधिक न्याय, नागरिक अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। उनके कुछ अभियोजन संबंधी फैसलों और सुधारों को लेकर समर्थन और आलोचना दोनों हुईं।

Dinman Times ads 728-90

2016 में वह कैलिफोर्निया से अमेरिकी सीनेट के लिए चुनी गईं और जनवरी 2017 में सीनेटर बनीं। सीनेट में उन्होंने न्यायपालिका, खुफिया और मातृभूमि सुरक्षा सहित कई विषयों पर काम किया। राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान एक मुखर सांसद और जांच-पड़ताल वाली सुनवाइयों में सक्रिय भागीदारी के कारण मजबूत हुई।

जो बाइडेन ने कमला हैरिस को क्यों चुना?

जो बाइडेन ने 11 अगस्त 2020 को कमला हैरिस को अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। वह किसी प्रमुख अमेरिकी राजनीतिक दल की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित होने वाली पहली अश्वेत महिला और पहली दक्षिण एशियाई मूल की महिला बनीं। बाइडेन के साथ उनका चुनावी गठबंधन ऐसे समय में बना जब अमेरिका नस्ली न्याय, पुलिस व्यवस्था, महामारी और आर्थिक असमानता पर तीखी बहस से गुजर रहा था।

हैरिस का अभियोजन, राज्य-स्तरीय प्रशासन और संघीय विधायिका का अनुभव टिकट के लिए महत्वपूर्ण था। उनकी उम्मीदवारी ने उन समुदायों में भी उत्साह पैदा किया जो लंबे समय से राष्ट्रीय नेतृत्व में अपने प्रतिनिधित्व की कमी महसूस करते रहे थे।

7 नवंबर के बाद: चुनावी प्रक्रिया और शपथ ग्रहण

मीडिया द्वारा बाइडेन-हैरिस टिकट को विजेता घोषित किए जाने के बाद भी अमेरिकी चुनाव की संवैधानिक प्रक्रिया जारी रही। राज्यों ने अपने परिणाम प्रमाणित किए और 14 दिसंबर 2020 को इलेक्टोरल कॉलेज के निर्वाचकों ने मतदान किया। बाइडेन को 306 और डोनाल्ड ट्रंप को 232 इलेक्टोरल वोट मिले। कांग्रेस ने जनवरी 2021 में मतों की गणना और पुष्टि की।

Dinman Times ads 728-90

20 जनवरी 2021 को वॉशिंगटन डी.सी. स्थित अमेरिकी कैपिटल के पश्चिमी मोर्चे पर कमला हैरिस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश सोनिया सोटोमयोर ने उन्हें शपथ दिलाई। इस क्षण वह औपचारिक रूप से अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति बनीं और अपने साथ जुड़ी तीनों ऐतिहासिक उपलब्धियों को वास्तविक पदभार में बदल दिया।

भारतीय मूल और प्रवासी समुदायों के लिए महत्व

हैरिस की मां का भारत से संबंध होने के कारण भारत और दुनिया भर के भारतीय मूल के समुदायों ने उनकी उपलब्धि को विशेष रुचि से देखा। उनकी मां चेन्नई से अमेरिका गई थीं और कमला हैरिस ने कई अवसरों पर अपनी भारतीय विरासत तथा मां के प्रभाव का उल्लेख किया है। दूसरी ओर, उनके पिता जमैका मूल के हैं और उनकी पहचान अश्वेत अमेरिकी अनुभव से भी जुड़ी है। उनकी जीवन-कथा प्रवासी परिवारों, बहुसांस्कृतिक पहचान और लोकतांत्रिक भागीदारी के अनेक पहलुओं को सामने लाती है।

फिर भी उनकी उपलब्धि को केवल पारिवारिक मूल से परिभाषित करना उचित नहीं होगा। यह दशकों की शिक्षा, सार्वजनिक सेवा, चुनावी भागीदारी और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का परिणाम थी। उनकी जीत ने यह संदेश दिया कि अमेरिकी राजनीति में सर्वोच्च पदों तक पहुंचने की संभावनाएं पहले से अधिक विविध हो सकती हैं।

महिला नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की विरासत

अमेरिका में महिलाओं को राष्ट्रीय मताधिकार 1920 में 19वें संवैधानिक संशोधन के बाद मिला, लेकिन मतदान का अधिकार मिलने और देश के सर्वोच्च निर्वाचित पदों तक पहुंचने के बीच लंबा अंतर रहा। 1984 में जेराल्डीन फेरारो प्रमुख पार्टी की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनीं, 2008 में सारा पेलिन रिपब्लिकन टिकट पर थीं और 2016 में हिलेरी क्लिंटन प्रमुख पार्टी की पहली महिला राष्ट्रपति उम्मीदवार बनीं। इन पड़ावों के बाद 2020 में कमला हैरिस का उपराष्ट्रपति चुना जाना एक नई संस्थागत उपलब्धि थी।

Dinman Times ads 728-90

हैरिस ने अपने शपथ ग्रहण के दिन कहा कि वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं, लेकिन आखिरी नहीं होंगी। यह कथन उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों की आकांक्षा और सार्वजनिक जीवन में समान अवसर की अपेक्षा का प्रतीक बना।

ऐतिहासिक तथ्य एक नजर में

  • अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का मतदान: 3 नवंबर 2020
  • बाइडेन-हैरिस टिकट की जीत की मीडिया घोषणा: 7 नवंबर 2020
  • कमला हैरिस की ऐतिहासिक पहचान: पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति
  • उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन: 11 अगस्त 2020
  • जन्म: 20 अक्टूबर 1964, ओकलैंड, कैलिफोर्निया
  • मां: श्यामला गोपालन, भारत में जन्मी वैज्ञानिक
  • पिता: डोनाल्ड जे. हैरिस, जमैका में जन्मे अर्थशास्त्री
  • शपथ ग्रहण: 20 जनवरी 2021
  • पद: अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति (2021–2025)

7 नवंबर 2020 की घोषणा ने अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दिया। कमला हैरिस की जीत ने महिला नेतृत्व, अश्वेत प्रतिनिधित्व और दक्षिण एशियाई मूल के नागरिकों की राजनीतिक भागीदारी को नई पहचान दी। 20 जनवरी 2021 को शपथ ग्रहण के साथ यह बदलाव अमेरिकी इतिहास का स्थायी हिस्सा बन गया।

TAGGED:International NewsWomen EmpowermentWorld Newsअमेरिका
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
पिछली ख़बर फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट: 1944 में चौथी राष्ट्रपति जीत फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित: 7 नवंबर 1944 का ऐतिहासिक चुनाव
Google prefered

गूगल पर फेवरेट बनाएँ

ये भी पढ़ें

कमला हैरिस: अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति

कमला हैरिस की ऐतिहासिक जीत: 7 नवंबर 2020 को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति-निर्वाचित

फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट: 1944 में चौथी राष्ट्रपति जीत

फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित: 7 नवंबर 1944 का ऐतिहासिक चुनाव

Eleanor Roosevelt

एलेनोर रूजवेल्ट: मानवाधिकारों की वैश्विक आवाज और संयुक्त राष्ट्र घोषणा की प्रमुख शिल्पकार

जैनेट रेनो

जैनेट रेनो: अमेरिका की पहली महिला अटॉर्नी जनरल और कानून के शासन की मुखर पैरोकार

सी. वी. रमन: रमन प्रभाव, नोबेल पुरस्कार और भारत रत्न

सी. वी. रमन: रमन प्रभाव की खोज से नोबेल पुरस्कार तक, भारतीय विज्ञान के महान पुरोधा

Dinman Ads

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • विदेश
  • धर्म
  • खेल
  • पटना
  • टेक्नोलॉजी

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?