अरवल स्वर्ण व्यवसायी हत्या की घटना ने कुर्था बाजार और आसपास के इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार शाम कुर्था-किंजर मार्ग पर ढोंढरा मोड़ के पास दो नकाबपोश बाइक सवार अपराधियों ने ऑटो से घर लौट रहे स्वर्ण व्यवसायी मनोज स्वर्णकार को निशाना बनाया। हमले में उन्हें सिर और सीने के आसपास करीब तीन गोलियां लगीं। साथ बैठे एक श्रृंगार दुकानदार राधाकृष्ण मिश्र भी गोली के छर्रे लगने से घायल हो गए। अस्पताल ले जाए जाने के बाद चिकित्सकों ने मनोज स्वर्णकार को मृत घोषित कर दिया।
ऑटो में सवार होकर लौट रहे थे दोनों दुकानदार
घटना के समय मनोज स्वर्णकार और राधाकृष्ण मिश्र मोतेपुर बाजार से अपनी-अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। दोनों शाम करीब पांच बजे एक ऑटो में सवार हुए थे। राधाकृष्ण मिश्र के अनुसार, मनोज ऑटो में किनारे की सीट पर बैठे थे, जबकि वह बीच वाली सीट पर थे। उनके बगल में एक महिला यात्री भी बैठी थी। ऑटो ढोंढरा मोड़ के पास पहुंचा, तभी बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश करीब आए।
प्रत्यक्षदर्शी के बयान के अनुसार, एक हमलावर ने मनोज स्वर्णकार की कनपटी पर पिस्तौल सटाई और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलीबारी के दौरान राधाकृष्ण मिश्र के पैर और कंधे पर छर्रे लगे। ऑटो में मौजूद महिला यात्री बाल-बाल बच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर बाइक से किंजर की ओर फरार हो गए।
अस्पताल में मृत घोषित, घायल दुकानदार खतरे से बाहर
घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को पहले कुर्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल मनोज स्वर्णकार को अरवल सदर अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं राधाकृष्ण मिश्र को उपचार के बाद खतरे से बाहर बताया गया।

मनोज स्वर्णकार मूल रूप से अरवल सदर थाना क्षेत्र के बैदराबाद गांव के निवासी थे। उन्होंने कुर्था बाजार में मकान बनाया था और परिवार के साथ वहीं रहते थे। उनकी सोने-चांदी की दुकान घर से लगभग चार किलोमीटर दूर मोतेपुर बाजार में थी। राधाकृष्ण मिश्र करीब 60 वर्ष के हैं और कुर्था के मुबारकपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
परिजनों ने पहले भी हमले होने की बात कही
स्वजन के अनुसार, मनोज स्वर्णकार पर इससे पहले भी तीन बार जानलेवा हमले किए जा चुके थे। परिजनों ने बताया कि पहली घटना में अपराधियों ने उनकी बाइक छीन ली थी। इसके बाद दो बार उसी स्थान के आसपास उन पर हमला हुआ था, लेकिन वे किसी तरह बच निकले थे। परिवार का दावा है कि पहले की घटनाओं में कुर्था थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और अज्ञात हमलावरों को आरोपित किया गया था।
परिजनों ने पूर्व की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले हुए हमलों में आरोपितों की पहचान नहीं हो सकी और अब मनोज की हत्या कर दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सूचना में नहीं है। पुलिस की ओर से पूर्व की प्राथमिकी और वर्तमान घटना के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि भी अभी सामने नहीं आई है।
बाजार बंद के आह्वान की जानकारी
व्यवसायी की हत्या के विरोध में भाकपा माले की ओर से शुक्रवार को बाजार बंद का आह्वान किए जाने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद स्थानीय कारोबारियों और लोगों में आक्रोश की स्थिति है। इस तरह की वारदात से बाजार क्षेत्र में व्यापारियों की सुरक्षा और शाम के समय आवाजाही को लेकर सवाल उठते हैं।

फिलहाल हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस के सामने अपराधियों का पता लगाने, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और मृतक पर पहले हुए हमलों के रिकॉर्ड की पड़ताल करने की चुनौती है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही वारदात की पृष्ठभूमि और संभावित कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
