कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली दीपावली इस बार सीमावर्ती इलाके में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के बीच मनाने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस परंपरा से प्रेरित होकर, जिसके तहत वह त्योहारों पर सीमाओं की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के बीच पहुंचते रहे हैं, मुख्यमंत्री ने भी दीपावली के दिन जवानों से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह 8 नवंबर को उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर ब्लॉक के हाकिमपुर सीमा क्षेत्र स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचेंगे।
कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री के सुबह करीब 11 बजे कैंप पहुंचने की संभावना है। वहां वह जवानों से मिलेंगे, उनके साथ कुछ समय बिताएंगे और दीपावली की शुभकामनाएं देंगे। त्योहार के दिन जब बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ समय बिताते हैं, उस समय सीमाओं पर तैनात जवान नियमित सुरक्षा जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह मुलाकात जवानों के योगदान के प्रति सम्मान जताने का अवसर होगी।
हाकिमपुर कैंप में जवानों से मुलाकात का कार्यक्रम
हाकिमपुर सीमा क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर ब्लॉक में स्थित है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इसी क्षेत्र के बीएसएफ कैंप में जवानों के साथ दीपावली मनाने का है। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जवानों को त्योहार की बधाई देंगे। उनके संबोधन या किसी औपचारिक घोषणा के बारे में फिलहाल कोई अलग जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करना और सीमा पर उनकी ड्यूटी के प्रति सम्मान व्यक्त करना माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद यह शुभेंदु अधिकारी की पहली दीपावली है। इस कारण भी उनके कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विशेष रूप से देखा जा रहा है। सीमा क्षेत्र में जाकर त्योहार मनाने का फैसला सुरक्षा बलों और राज्य नेतृत्व के बीच संवाद का प्रतीकात्मक अवसर बन सकता है। हालांकि, इस दौरे को किसी नई सुरक्षा नीति या प्रशासनिक फैसले से जोड़ने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी की परंपरा का संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से दीपावली के अवसर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के साथ समय बिताते रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी वह बीएसएफ कैंपों में जाकर जवानों के बीच त्योहार मनाते थे। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इस परंपरा को जारी रखा। अलग-अलग वर्षों में वह लद्दाख, राजस्थान और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उनका जोर त्योहार के मौके पर जवानों के साथ रहने और उनके मनोबल के प्रति सम्मान जताने पर रहा है।
शुभेंदु अधिकारी का इस बार हाकिमपुर जाना इसी परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि दोनों नेताओं के कार्यक्रमों की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन त्योहार पर सुरक्षा बलों के बीच पहुंचने का संदेश समान है। मुख्यमंत्री के लिए यह अवसर राज्य की सीमा पर तैनात बलों से सीधे संवाद का भी होगा।
सीमा दौरे के बाद नंदीग्राम जाएंगे मुख्यमंत्री
हाकिमपुर बीएसएफ कैंप में जवानों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के कोलकाता लौटने की संभावना है। कार्यक्रम के अनुसार वह शहर में अधिक देर नहीं रुकेंगे और दोपहर में कोलकाता पहुंचने के बाद सीधे नंदीग्राम के लिए रवाना होंगे। नंदीग्राम उनका विधानसभा क्षेत्र है। वहां दीपावली का शेष समय बिताने की उनकी योजना बताई गई है। इस तरह उनका दिन का कार्यक्रम दो हिस्सों में बंटा रहेगा—पहले सीमावर्ती क्षेत्र में जवानों के साथ मुलाकात और फिर अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों के बीच त्योहार।
मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में एक ओर सीमा सुरक्षा बल के जवानों के प्रति सम्मान का भाव है, तो दूसरी ओर नंदीग्राम से उनका स्थानीय जुड़ाव भी दिखाई देता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार हाकिमपुर कैंप में सुबह 11 बजे पहुंचने और बाद में नंदीग्राम जाने का कार्यक्रम तय है। यात्रा के समय या कार्यक्रम में बदलाव होने पर प्रशासन की ओर से अलग सूचना दी जा सकती है।

