भागलपुर। पश्चिम बंगाल से अपहृत कारोबारी राजेश सरकार को बिहार के भागलपुर जिले में पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। उन्हें बाथ थाना क्षेत्र के देवधा गांव स्थित एक आलीशान मकान के बंद कमरे में रखा गया था। बंगाल पुलिस से मिली सूचना के बाद भागलपुर पुलिस ने देर रात विशेष अभियान चलाया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस टीम कारोबारी तक पहुंचने में सफल रही। इस कार्रवाई के दौरान मकान के केयरटेकर सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
देवधा गांव के बंद मकान में रखा गया था कारोबारी
पुलिस के अनुसार, देवधा गांव में जिस मकान से राजेश सरकार को बरामद किया गया, वह चारदीवारी से घिरा हुआ था और उसके कई कमरों में ताले लगे थे। कारोबारी को मकान के सामने की ओर बने एक बंद कमरे में रखा गया था। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी और कार्रवाई की। बरामदगी के बाद राजेश सरकार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मकान के केयरटेकर जगत मंडल को भी हिरासत में लिया गया। उसके पास से हथियार बरामद होने की बात सामने आई है।
बंगाल के डीजीपी ने बिहार पुलिस से मांगी थी मदद
मामले की शुरुआत पश्चिम बंगाल के 24 परगना इलाके से कारोबारी के अपहरण के बाद हुई। बंगाल के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने तकनीकी जांच के आधार पर अपहृत कारोबारी की लोकेशन भागलपुर में होने की जानकारी बिहार की प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा को दी थी। इसके बाद कारोबारी की सुरक्षित बरामदगी के लिए बिहार पुलिस से सहयोग मांगा गया। सूचना मिलने पर भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम गठित की और उसे बाथ थाना क्षेत्र के देवधा गांव भेजा।
एसएसपी ने पूरे अभियान की निगरानी की
भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव स्वयं अभियान की निगरानी कर रहे थे। पुलिस टीम को लोकेशन के आधार पर संबंधित मकान तक पहुंचाया गया। बुधवार देर रात शुरू हुई कार्रवाई गुरुवार की सुबह तक चली। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बंद कमरे में रखे गए कारोबारी को सकुशल मुक्त करा लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में स्थानीय थाना पुलिस और विशेष टीम के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बरामदगी के बाद हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।

धनबाद और बांका के लोग हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें धनबाद के दो व्यक्ति, बांका जिले के शंभूगंज का एक व्यक्ति और मकान का स्थानीय केयरटेकर जगत मंडल शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बंद कमरे से धनबाद निवासी अमन कुमार समेत दो लोगों और शंभूगंज के एक व्यक्ति को पकड़ा गया। केयरटेकर के पास से हथियार मिलने की भी बात कही गई है। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और उनके आपसी संबंधों तथा अपहरण में संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
फेक करेंसी और गोल्ड स्मगलिंग से जुड़ाव की भी जांच
प्रारंभिक सूचनाओं में हिरासत में लिए गए धनबाद निवासी अमन कुमार का संबंध फेक करेंसी और गोल्ड स्मगलिंग से बताए जाने की बात सामने आई है। यह भी कहा जा रहा है कि बांग्लादेश सीमा के रास्ते नकली नोट लाने के कथित नेटवर्क से कुछ लोगों का जुड़ाव हो सकता है। कारोबारी के अपहरण को लेनदेन के विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इन पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फिलहाल पूछताछ और छापेमारी के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अपहरण के पीछे की वजह तलाश रही पुलिस
कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया गया है, लेकिन अपहरण की पूरी साजिश, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और घटना के पीछे के कारणों का खुलासा होना बाकी है। पुलिस हिरासत में लिए गए चारों लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कारोबारी को किस वजह से अगवा किया गया और उन्हें देवधा गांव के मकान में किस तरह लाकर रखा गया था।
