बारुण (औरंगाबाद): जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, औरंगाबाद की बारुण शाखा ने लंबे समय से बकाया ऋण जमा नहीं करने वाले किसानों और समितियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बैंक ने सार्वजनिक सूचना जारी कर संबंधित ऋणधारकों को बकाया राशि जमा करने के लिए अंतिम चेतावनी दी है। निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार कानूनी और वसूली संबंधी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। बैंक की इस सूचना के बाद क्षेत्र के बकायेदारों के बीच हलचल है।
310 किसानों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये बकाया
बारुण शाखा के प्रबंधक चंदन राज के अनुसार, शाखा क्षेत्र के 310 किसानों पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण के रूप में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये बकाया हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को खेती और उससे जुड़ी जरूरतों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। बैंक की ओर से ऋण लेने वाले सभी बकायेदारों से कहा गया है कि वे संबंधित शाखा से संपर्क कर बकाया राशि जमा करें।
बैंक प्रबंधन का कहना है कि ऋण की राशि तय समय पर वापस नहीं आने से बैंक की वसूली प्रक्रिया और वित्तीय व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए बकायेदारों को भुगतान के लिए सार्वजनिक सूचना के माध्यम से फिर से आगाह किया गया है।
तीन समितियों पर 5.18 करोड़ रुपये की देनदारी
बैंक के अनुसार धान अधिप्राप्ति से जुड़े मामले में तीन समितियों पर करीब 5 करोड़ 18 लाख रुपये बकाया हैं। इस तरह किसान क्रेडिट कार्ड ऋण और धान अधिप्राप्ति से संबंधित देनदारी को मिलाकर बारुण शाखा के स्तर पर 6 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक की राशि लंबित है। यह रकम लंबे समय से बकाया रहने के कारण बैंक के लिए वसूली का महत्वपूर्ण विषय बन गई है।

धान अधिप्राप्ति के काम में समितियों की भूमिका किसानों से धान खरीद और उससे जुड़ी भुगतान प्रक्रिया में अहम होती है। ऐसे में समितियों पर बकाया राशि का समय पर समायोजन बैंक की वित्तीय स्थिति और आगे की ऋण व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भुगतान नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
शाखा प्रबंधक चंदन राज ने बताया कि बैंक से ऋण लेने वाले सभी बकायेदारों को संबंधित शाखा में संपर्क कर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। यदि निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो नियमों के अनुसार वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बंधक रखी गई संपत्ति के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है।
बैंक प्रबंधन ने सार्वजनिक सूचना को अंतिम चेतावनी के तौर पर लेने की अपील की है। हालांकि, कार्रवाई की प्रक्रिया संबंधित ऋण दस्तावेजों, लागू नियमों और विधिक प्रावधानों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। बैंक ने ऋणधारकों से आग्रह किया है कि वे अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए जल्द शाखा से संपर्क करें और बकाया भुगतान की स्थिति स्पष्ट करें।
बैंक की वित्तीय व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश
बैंक की ओर से बकाया वसूली अभियान का उद्देश्य लंबित राशि वापस प्राप्त करना और वित्तीय संसाधनों को मजबूत करना बताया गया है। सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि ऋण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे संस्थानों में ऋण की समय पर वापसी होने से अन्य किसानों और जरूरतमंद ऋणधारकों को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता बनी रहती है।

बारुण शाखा ने सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे नोटिस को गंभीरता से लें और बैंक अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान करें। अब देखना होगा कि सार्वजनिक चेतावनी के बाद कितने किसान और समितियां बकाया राशि जमा करती हैं तथा कितने मामलों में बैंक को आगे कानूनी कार्रवाई की जरूरत पड़ती है।
