मुजफ्फरनगर में चरथावल विधानसभा सीट से भाजपा टिकट मांग रहे सहकारी केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के चेयरमैन राजबीर कश्यप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता राजबीर कश्यप की पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के आवास पर अचानक मौत हो गई। वह चरथावल विधानसभा सीट से भाजपा टिकट के दावेदार थे और सोमवार को अपने परिवार के सदस्यों व समर्थकों के साथ टिकट को लेकर बातचीत करने पहुंचे थे। इसी दौरान वह बाथरूम में अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पहले भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपा बायोडाटा
राजबीर कश्यप मुजफ्फरनगर के लच्छेड़ा गांव के रहने वाले थे। सोमवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने भाई, बेटे और गांव के कुछ लोगों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने चरथावल विधानसभा सीट से पार्टी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की और जिलाध्यक्ष को बायोडाटा सौंपा।
इसके बाद राजबीर कश्यप अपने समर्थकों के साथ पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के आवास पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात बालियान के भाई विवेक बालियान से हुई। सभी लोग आगामी विधानसभा चुनाव और टिकट की दावेदारी को लेकर बातचीत कर रहे थे।

काफी देर तक नहीं लौटे तो तलाश शुरू हुई
इसी बातचीत के दौरान राजबीर कश्यप ने बाथरूम जाने की बात कही और वहां से उठकर चले गए। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उनके साथ आए लोगों को चिंता हुई। पहले आवाज लगाकर उन्हें बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद गांव के ही एक व्यक्ति ने बाथरूम में जाकर देखा तो राजबीर कश्यप वहां अचेत अवस्था में पड़े थे। आवास पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल एसकेबी आरोग्यम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने हार्ट फेल होने की बात बताई
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने राजबीर कश्यप की मौत की वजह हार्ट फेल होना बताई। रिपोर्ट में उनकी उम्र 55 वर्ष बताई गई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट या किसी अन्य जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार ने पुलिस कार्रवाई से किया इन्कार
राजबीर कश्यप की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक छा गया। परिजन उनके शव को लेकर लच्छेड़ा गांव पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने पुलिस कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जिस राजबीर कश्यप ने सोमवार सुबह विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी के लिए राजनीतिक मुलाकात शुरू की थी, उसी दिन उनकी मौत की खबर से परिवार और समर्थकों में शोक फैल गया।
