पटना। बिहार की मेजबानी में मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में नेशनल रेड रन 4.0 का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के मार्गदर्शन और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के आयोजन में हुए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिभागियों, अधिकारियों, खिलाड़ियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य HIV के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संक्रमण से जुड़े सामाजिक भेदभाव को खत्म करने का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। 10 किलोमीटर की दौड़ में करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि 2 किलोमीटर के वॉकथॉन में लगभग 1,000 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन ने स्वास्थ्य जागरूकता को खेल और सामूहिक सहभागिता से जोड़ते हुए HIV के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
युवाओं की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि HIV के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जागरूकता अभियानों, बेहतर उपचार सुविधाओं और निरंतर प्रयासों से HIV नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उपचार और दवाइयों की उपलब्धता ने भी इस दिशा में नई उम्मीद पैदा की है।
उन्होंने कहा कि HIV संक्रमण की रोकथाम के साथ-साथ मां से बच्चे में होने वाले संक्रमण को पूरी तरह नियंत्रित करने की दिशा में लगातार काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि HIV केवल यौन संपर्क से ही नहीं, बल्कि संक्रमित रक्त और अन्य माध्यमों से भी फैल सकता है। ऐसे में समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी और वैज्ञानिक जागरूकता पहुंचाना जरूरी है।

कुमार रवि ने नेशनल रेड रन 4.0 के सफल आयोजन के लिए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, उनकी टीम और सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी। उन्होंने यूनिसेफ सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी के लिए भी आभार जताया।
32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पहुंचे प्रतिभागी
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमित कुमार ने कहा कि 10 किलोमीटर दौड़ और 2 किलोमीटर वॉकथॉन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह संदेश देती है कि HIV के खिलाफ जागरूकता की लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। उन्होंने विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिभागियों और अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को और गति देने की अपील की।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) की डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. तान्जिन डिकिड ने भी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि HIV के प्रति जागरूकता फैलाने में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के जरिए समाज तक सही जानकारी पहुंचाने और HIV संक्रमण से जुड़े भेदभाव को कम करने में मदद मिलती है।
समय पर HIV जांच पर जोर
यूनिसेफ फील्ड ऑफिसर मोनिका नेल्सन ने कहा कि HIV के प्रति जागरूकता के साथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपनी HIV जांच करवाना भी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की समय पर HIV जांच के महत्व पर जोर दिया। उनके अनुसार, समय रहते संक्रमण की जानकारी मिलने पर गर्भावस्था के दौरान उचित उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है, जिससे मां से बच्चे में HIV संक्रमण के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

10 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने 10 किलोमीटर दौड़ की विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। बॉयज कैटेगरी में पश्चिम बंगाल के अनुपम महतो ने पहला, उत्तर प्रदेश के अभिषेक कुमार ने दूसरा और उत्तर प्रदेश के विद्या सागर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
गर्ल्स कैटेगरी में महाराष्ट्र की स्नेहल खरात प्रथम, मध्य प्रदेश की अंजलि पाटीदार द्वितीय और उत्तर प्रदेश की सोनी देवी तृतीय स्थान पर रहीं।
धावकों और कलाकारों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय धावक पियूष राज, अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट शैलेश कुमार और अभिनेता अशोक पाठक शामिल हुए, जो ‘पंचायत’ वेब सीरीज में विनोद का किरदार निभाने के लिए जाने जाते हैं।
इस अवसर पर BSACS के संयुक्त निदेशक (आई.ई.सी.) मनोज कुमार सिन्हा, अपर परियोजना निदेशक एन.के. गुप्ता और सहायक निदेशक (युवा) आलोक सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। नेशनल रेड रन 4.0 के जरिए पटना से देशभर में HIV जागरूकता, जांच और भेदभाव खत्म करने का संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई।

