खगड़िया में ट्रेन रोककर एक व्यक्ति के साथ मारपीट और फायरिंग की घटना के मामले में बिहार एसटीएफ और खगड़िया जीआरपी की संयुक्त टीम ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। बिहार पुलिस मुख्यालय की 3 नवंबर 2026 की सूचना के अनुसार, 2 और 3 नवंबर की मध्यरात्रि हुई संयुक्त कार्रवाई में रेलवे थाना खगड़िया कांड संख्या 78/26 में नामजद शुभम कुमार उर्फ रवि कुमार को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपित खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र के बड़ी कोठिया गांव का रहने वाला है।
ट्रेन रोकने और फायरिंग की घटना से जुड़ा मामला
एसटीएफ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार शुभम कुमार उर्फ रवि कुमार, पिता शत्रुधन यादव, बड़ी कोठिया, थाना गंगौर, जिला खगड़िया का निवासी है। उसके खिलाफ रेलवे थाना खगड़िया में कांड संख्या 78/26 दिनांक 27 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस मुख्यालय ने दी है।
पुलिस के मुताबिक यह मामला 26 अक्टूबर 2026 को हुई उस घटना से जुड़ा है, जिसमें कामाख्या-अमृतसर भारत एक्सप्रेस को खगड़िया रेलवे स्टेशन और उमेशनगर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित मधुआ ढाला के पास वैक्यूम कर रोकने का आरोप है। ट्रेन रुकने के बाद एक व्यक्ति के साथ मारपीट और फायरिंग किए जाने तथा मौके से फरार होने की घटना में आरोपित की संलिप्तता बताई गई है।
ट्रेन में खाना बेचने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट का आरोप
पुलिस मुख्यालय की सूचना में बताया गया है कि घटना के दौरान पीड़ित व्यक्ति ट्रेन में खाना बेचने का काम करता है। आरोप के अनुसार ट्रेन को रोकने के बाद उसके साथ मारपीट और फायरिंग की गई। घटना के बाद मामले की जांच रेलवे थाना खगड़िया में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई। इसी जांच के क्रम में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने आरोपित की तलाश की।

उपलब्ध आधिकारिक सूचना में फायरिंग में किसी व्यक्ति के घायल होने, हथियार की बरामदगी या घटना के दौरान ट्रेन में कितनी देर तक व्यवधान रहा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इन बिंदुओं पर अतिरिक्त दावा करना उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उचित नहीं होगा। पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तारी और घटना में आरोपित की कथित संलिप्तता से संबंधित जानकारी साझा की है।
घर से छापेमारी कर गिरफ्तारी
बिहार एसटीएफ की विशेष टीम और खगड़िया जीआरपी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपित के घर पर छापेमारी की। पुलिस के अनुसार 2/3 नवंबर 2026 की रात की गई कार्रवाई में शुभम कुमार उर्फ रवि कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि जांच टीम ने आरोपित की पहचान और उसके संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाने के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके अन्य आपराधिक मामलों और गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। एसटीएफ की सूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गिरफ्तार आरोपित के अन्य आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। इसका मतलब है कि इस पहलू की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आगे की जानकारी पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
रेलवे सुरक्षा को लेकर भी अहम मामला
चलती ट्रेन को वैक्यूम कर रोकना और उसके बाद यात्रियों या ट्रेन से जुड़े कर्मचारियों के साथ हिंसा का आरोप रेलवे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है। इस मामले में ट्रेन को खगड़िया और उमेशनगर रेलवे स्टेशनों के बीच मधुआ ढाला के पास रोकने की बात पुलिस की आधिकारिक सूचना में कही गई है। घटना में ट्रेन में खाना बेचने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट और फायरिंग का आरोप भी दर्ज मामले का हिस्सा है।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह, आरोपित की भूमिका की पूरी प्रकृति और फायरिंग के उद्देश्य को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं की गई है। इसलिए इन पहलुओं पर जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना होगा।
आगे की जांच जारी
बिहार एसटीएफ और खगड़िया जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ के साथ उसके संभावित आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल कर रही है। प्राथमिकी में दर्ज धाराओं और पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बिहार पुलिस मुख्यालय की 3 नवंबर की सूचना के मुताबिक फिलहाल इस मामले में शुभम कुमार उर्फ रवि कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। उसके खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में उसकी भूमिका किस स्तर तक थी और मामले में आगे किन लोगों की संलिप्तता सामने आती है।
