पटना: बापू सभागार में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्वास्थ्य मंत्री निशांत के प्रति अलग अंदाज देखने को मिला। मंच से संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री को बड़े भाई की तरह सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ रहेंगे, तभी मजबूती से लड़ पाएंगे, इसलिए खाना खाइए। मुख्यमंत्री की इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री निशांत मुस्कुराते नजर आए।
मंच से बोले- छोटे भाई को मजबूती से लड़ना है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत की ओर इशारा किया और कहा कि वह उन्हें हमेशा खाना खाने के लिए कहते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निशांत उनके छोटे भाई हैं और उन्हें आगे मजबूती के साथ लड़ना है, इसलिए उनका स्वस्थ रहना जरूरी है। इसी क्रम में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को खाना खाने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम का माहौल कुछ हल्का हुआ और निशांत मुस्कुराते नजर आए। राष्ट्रीय एकता दिवस जैसे औपचारिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का यह व्यक्तिगत और स्नेहपूर्ण अंदाज मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। मंच से दिए गए इस संदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच व्यक्तिगत अपनत्व की झलक भी दिखाई दी।
विरोधियों पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में अब विकास को रोकने वाला कोई नहीं है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि सभी लोग एक साथ हैं और कोई उनका बाल बांका नहीं कर सकता। उनके इस बयान में सरकार के कामकाज और राजनीतिक मजबूती को लेकर आत्मविश्वास का संदेश दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी तरफ से विरोधियों की बातों का जवाब देने के बजाय काम करने पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें सिर्फ काम करना सिखाया है। उनके अनुसार कुछ लोग बेरोजगार हो गए हैं और उनका काम केवल बकवास करना रह गया है। वहीं सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी जनता के लिए काम करके उसे परिणाम देने की है।
‘सिर्फ काम करना’ ही लक्ष्य बताया
सम्राट चौधरी ने कहा कि सत्ता में रहने वालों को जनता के प्रति जवाबदेह रहना पड़ता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वह विरोधियों की बातों पर ध्यान देने के बजाय काम को प्राथमिकता देते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनका दूसरा कोई लक्ष्य नहीं है और वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं।
उनके संबोधन में विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए राजनीतिक संदेश भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के लिए काम करना ही सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं को लेकर कहा कि सरकार का ध्यान जवाब देने से अधिक काम करने पर है।
स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका का भी उल्लेख
निशांत के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कामकाज का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को भी सामने रखा। मंच से खाना खाने की सलाह देने के पीछे उन्होंने यही बात रखी कि स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक मजबूती से किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने उन्हें छोटे भाई के रूप में संबोधित करते हुए आगे की राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए मजबूत बने रहने की बात कही।

राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने मुख्यमंत्री का यह अंदाज औपचारिक राजनीतिक भाषण से अलग रहा। एक तरफ उन्होंने सरकार के काम और विकास को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री के प्रति व्यक्तिगत स्नेह का प्रदर्शन किया। इससे कार्यक्रम में कुछ समय के लिए माहौल सहज और हल्का दिखाई दिया।
नीतीश और मोदी के सपनों का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को पूरा करना है। उन्होंने विकास के मुद्दे को सरकार की राजनीति का केंद्र बताते हुए कहा कि जनता को काम करके देना सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार सरकार को आलोचनाओं का जवाब अपने काम से देना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन में राष्ट्रीय एकता दिवस के संदेश के साथ बिहार की राजनीति और सरकार की कार्यशैली से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। निशांत के साथ उनके संवाद ने जहां व्यक्तिगत स्नेह का संदेश दिया, वहीं विरोधियों पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक तेवर भी दिखाए। इस तरह राष्ट्रीय एकता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री के संबोधन में प्रशासनिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत—तीनों पहलुओं का मिश्रण नजर आया।
