बेगूसराय: केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने चुनाव में वोट चोरी और ईवीएम को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। गिरिराज सिंह ने कहा कि वोट की चोरी नहीं हो रही है, बल्कि जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी या मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। केवल आरोप लगाने से किसी दावे की पुष्टि नहीं होती।
शनिवार को रिफाइनरी स्थित दिनकर गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने SIR, EVM, वोट चोरी और रिजीम चेंज जैसे मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की बड़ी रैली को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के नाम पर ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए जिससे अराजकता का माहौल बने।
10 लाख लोगों की रैली पर गिरिराज सिंह ने जताई आशंका
गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम ने दिल्ली के रामलीला मैदान में करीब 10 लाख लोगों की रैली की बात कही है। उन्होंने आशंका जताई कि विपक्ष इस दौरान भी ऐसी गतिविधियां कर सकता है जिससे अव्यवस्था पैदा हो। उन्होंने संसद के गेट, प्रधानमंत्री आवास और आकाशवाणी को घेरने जैसी पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन का स्वरूप शांतिपूर्ण होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान जबरन किसी स्थान में प्रवेश करना या व्यवस्था को बाधित करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों का इस्तेमाल करना चाहिए।

SIR को लेकर राहुल गांधी से प्रमाण मांगने का दावा
मतदाता सूची से जुड़े SIR के मुद्दे पर गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी से आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष के पास ऐसे मतदाताओं की सूची या अन्य ठोस प्रमाण हैं, जिनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए हैं, तो उन्हें चुनाव आयोग के सामने क्यों नहीं रखा गया।
उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर मतदाताओं से वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने की बात कही। गिरिराज सिंह ने केरल में कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष को उन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए, जहां इसी तरह की प्रक्रिया के तहत चुनाव हुए हैं।
बैलेट पेपर से हार का उदाहरण देकर EVM पर सवाल उठाए
ईवीएम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनावी हार के बाद कभी EVM तो कभी वोट चोरी को मुद्दा बनाया जाता है। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष वहां भी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है। उन्होंने त्रिपुरा की ग्राम समितियों और हालिया विधान परिषद चुनावों के परिणामों का उल्लेख करते हुए विपक्ष को चुनावी नतीजों के कारणों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।
‘रिजीम चेंज’ पर राहुल गांधी से सवाल
रिजीम चेंज के मुद्दे पर गिरिराज सिंह ने सवाल किया कि राहुल गांधी आखिर किस व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक आवाज को दबाया गया था। उनके अनुसार उस समय अखबारों पर प्रतिबंध लगाए गए और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को आवास, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, घर-घर पानी और शौचालय पहुंचाने तथा गरीबों को पांच किलो अनाज उपलब्ध कराने जैसे काम किए जा रहे हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य उपचार की सुविधा और पिछले 11 वर्षों में चार करोड़ से अधिक लोगों को आवास उपलब्ध कराने का भी दावा किया।
‘जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री बने हैं मोदी’
गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसी विपक्षी नेता के कहने पर सत्ता में नहीं आए हैं, बल्कि जनता के समर्थन और आशीर्वाद से प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गरीबों का समर्थन और जनता का आशीर्वाद मिलता रहेगा, नरेन्द्र मोदी देश की सेवा करते रहेंगे।
दो नवंबर को बेगूसराय में प्रतिकार पदयात्रा की घोषणा
केंद्रीय मंत्री ने दो नवंबर को बेगूसराय में प्रतिकार पदयात्रा निकालने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने गांधी के सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते का उल्लेख करते हुए अपनी बात रखने की अपील की।
सरदार पटेल की जयंती पर कांग्रेस पर निशाना
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का उल्लेख करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि पटेल ने 500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की एकता तथा अखंडता को मजबूत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पटेल को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी उल्लेख किया और इसे देश की एकता से जोड़कर देखा। वर्ष 1952 की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, गिरिराज सिंह ने चुनावी प्रक्रिया, SIR और EVM को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस से प्रमाण सामने रखने की मांग की। साथ ही उन्होंने आगामी राजनीतिक आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने पर जोर दिया और बेगूसराय में दो नवंबर को प्रतिकार पदयात्रा की घोषणा की।
