रोहतास/कोचस: कोचस बाजार में कंचन स्वर्ण व्यवसायी की दुकान में दिनदहाड़े हुई बड़ी लूट के विरोध में शनिवार को स्थानीय व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। व्यावसायिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित बंद के जरिए कारोबारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में इस तरह की बड़ी वारदात से व्यापारियों में भय का माहौल बना है और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।
मंगलवार को हुई इस वारदात में बाइक से पहुंचे चार अपराधियों ने हथियार के बल पर दुकान मालिक, कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया था। इसके बाद अपराधियों ने तीन करोड़ रुपये से अधिक के गहने और करीब दो लाख रुपये नकद लूट लिए। दिनदहाड़े बाजार के बीच हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें मामले की जांच में जुटी हैं और अपराधियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।
घटनास्थल से मिले चप्पल और टोपी की जांच
लूट के बाद घटनास्थल से पुलिस को एक अपराधी का चप्पल और टोपी मिली थी। इन वस्तुओं को जांच के लिए एफएसएल टीम के स्तर से देखा जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच से वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान या उनके बारे में कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। हालांकि, जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन साक्ष्यों से जुड़े निष्कर्ष सामने आ सकेंगे।
मोबाइल लोकेशन से बक्सर तक पहुंची जांच
लूट के दौरान अपराधियों ने दुकान मालिक, तीन कर्मचारियों और दो ग्राहकों के मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिए थे। पुलिस जांच में इन मोबाइल फोन का अंतिम लोकेशन बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के मुखरांव गांव के समीप मिला है। यह इलाका कैमूर जिले की सीमा के नजदीक भी बताया गया है। मोबाइल लोकेशन सामने आने के बाद पुलिस ने इस दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद अपराधी किस रास्ते से आगे बढ़े और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कहां तक हुआ।

मोबाइल लोकेशन और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों को जोड़कर जांच टीम अपराधियों के भागने के रास्ते की कड़ी तलाश रही है। इस तरह की जांच में पुलिस आसपास के क्षेत्रों की गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी सूचनाओं को भी आधार बना सकती है। फिलहाल मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच जारी है।
एक ही दुकान में पहले भी हो चुकी है करोड़ों की चोरी
कंचन स्वर्ण व्यवसायी की दुकान पहले भी बड़ी वारदात का शिकार हो चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गत वर्ष 25 अगस्त की रात चोरों ने दुकान का शटर काटकर करीब 5.20 करोड़ रुपये के गहनों की चोरी की थी। उस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अब दोबारा इसी प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने से स्थानीय व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है।
व्यवसायियों का शनिवार का बंद इसी नाराजगी की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि त्योहार और कारोबार के महत्वपूर्ण समय में बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहनी चाहिए। बड़ी रकम और आभूषणों का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों के आसपास पर्याप्त निगरानी और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
अपराधियों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। घटनास्थल से मिले सामान, मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर, बाजार बंद रहने से साफ है कि इस घटना का असर केवल पीड़ित कारोबारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्थानीय व्यापारिक समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

व्यवसायियों की मुख्य मांग अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से लूट की इस बड़ी वारदात में शामिल अपराधियों तक कितनी जल्दी पहुंचा जा सकता है।
