पटना: राहत कादरी एनसीपी की विस्तारित राज्यस्तरीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शुक्रवार को पटना के आईएमए हॉल में हुई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की प्रदेश इकाई की इस बैठक में संगठन को मजबूत करने, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, आर्थिक चुनौतियों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राहत कादरी ने की। इस दौरान सांगठनिक, राजनीतिक, आर्थिक और कृषि से जुड़े चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तथा विभिन्न प्रदेश स्तरीय मोर्चों, विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं संयोजक शामिल हुए। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और राज्य में जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने पर रहा।
संगठन को जिला से पंचायत स्तर तक मजबूत करने का प्रस्ताव
बैठक में पारित सांगठनिक प्रस्ताव के तहत पार्टी को जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए सदस्यता अभियान को गति देने, संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने और प्रदेश तथा जिला इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही गई।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय किए बिना राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना कठिन होगा। इसलिए स्थानीय इकाइयों के बीच समन्वय और नियमित समीक्षा को प्रस्ताव में प्रमुख स्थान दिया गया।

राजनीतिक प्रस्ताव में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
राजनीतिक प्रस्ताव में संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया गया। पार्टी ने जनहित से जुड़े विषयों को अपनी राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में रखने की बात कही।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद राहत कादरी ने एनडीए पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए खुद अराजक स्थिति पैदा कर रही है और अराजकता खत्म करने की बात कर रही है। कादरी ने केंद्र सरकार पर आंदोलन कर रहे युवा, छात्रों और विपक्षी दलों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर सवाल उठाया। ये उनके राजनीतिक आरोप और टिप्पणी हैं।
उन्होंने बिहार की सम्राट सरकार पर भी कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कादरी ने कहा कि राज्य में महिलाएं और युवतियां सुरक्षित नहीं हैं तथा व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है। इन दावों पर बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं ने राजनीतिक चर्चा की।
महंगाई और रोजगार को लेकर आर्थिक प्रस्ताव
बैठक में पारित आर्थिक प्रस्ताव में महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई। पार्टी ने छोटे व्यापारियों की समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। इसके साथ ही बिहार में स्थानीय उद्योगों और लघु एवं कुटीर उद्यमों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

आर्थिक प्रस्ताव का फोकस स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ाने तथा छोटे उद्यमों को मजबूत करने पर रहा। पार्टी ने इसे राज्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी कदमों में शामिल किया।
किसानों के लिए राहत और कृषि सुविधाओं पर जोर
कृषि संबंधी प्रस्ताव में किसानों को खेती की बढ़ती लागत से राहत देने की मांग उठाई गई। खाद और बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा फसलों के उचित मूल्य को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया। इसके अलावा बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।
पार्टी की बैठक में कृषि क्षेत्र को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने पर जोर दिया गया। खाद-बीज, सिंचाई और फसल मूल्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी ने सरकार से अपेक्षित कदम उठाने की जरूरत बताई।
चार प्रस्तावों के जरिए संगठन और जन मुद्दों पर फोकस
बैठक में पारित चार प्रस्तावों को व्यापक रूप से संगठन, राजनीति, अर्थव्यवस्था और कृषि से जोड़ा गया। एक ओर पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को नीचे तक मजबूत करने की रणनीति पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर महंगाई, बेरोजगारी, किसान और नागरिक अधिकार जैसे मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर उठाने का निर्णय लिया।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रदेव दास, जितेंद्र पासवान, राजेश यादव, शाहनवाज आलम, जयप्रकाश यादव, असलम आजाद और धर्मेन्द्र पासवान समेत कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी की ओर से बताया गया कि इन प्रस्तावों के आधार पर आगे की संगठनात्मक और राजनीतिक गतिविधियों को गति दी जाएगी।
इस बैठक के जरिए एनसीपी शरदचंद्र पवार की बिहार इकाई ने अपने संगठन के विस्तार के साथ-साथ आर्थिक, कृषि और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने रखा। अब इन प्रस्तावों को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू किया जाता है, यह पार्टी की आगामी गतिविधियों में देखने को मिलेगा।
