सोनभद्र/बीना: बीना आवासीय परिसर में गाड़ी धोने के दौरान बिजली की चपेट में आने से बिहार निवासी ड्रैगलाइन ऑपरेटर अमरेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई। बीना में करंट से मौत की यह घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब 49 वर्षीय अमरेंद्र ड्यूटी पूरी कर अपने आवास लौटने के बाद गैरेज में प्रेशर वाशर मशीन से गाड़ी साफ कर रहे थे। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
अमरेंद्र कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के गया जिले के केंदुई के रहने वाले थे और एनसीएल की बीना परियोजना में ड्रैगलाइन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को उन्होंने प्रथम पाली की ड्यूटी पूरी की और इसके बाद अपने आवास एम-731 स्थित गैरेज में पहुंचे। यहां वह बिजली से चलने वाली प्रेशर वाशर मशीन के जरिए गाड़ी की धुलाई कर रहे थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए।
गैरेज में अचेत मिले अमरेंद्र कुमार सिंह
बताया गया कि काफी देर तक अमरेंद्र के बाहर नहीं आने पर उनकी पत्नी सीमा देवी उन्हें देखने गैरेज की ओर गईं। वहां पति को जमीन पर अचेत पड़ा देखकर वह घबरा गईं और शोर मचाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि अमरेंद्र बिजली से संचालित प्रेशर वाशर मशीन के संपर्क में थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने तत्काल मशीन का प्लग निकालकर बिजली आपूर्ति बंद की। इसके बाद अमरेंद्र को मशीन से अलग किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल बीना आवासीय परिसर स्थित अटल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने मृत घोषित किया
अटल अस्पताल में चिकित्सक डा. राकेश सिंह ने जांच के बाद अमरेंद्र कुमार सिंह को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकीय आकलन में प्रथम दृष्टया मौत का कारण बिजली का करंट लगना प्रतीत हुआ है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद उसे एनटीपीसी शक्तिनगर स्थित संजीवनी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस स्तर से आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
परिवार में पत्नी और तीन बेटियां, अचानक टूटा दुखों का पहाड़
अमरेंद्र कुमार सिंह के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के कमाने वाले सदस्य की इस तरह हुई मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिचितों और आसपास रहने वाले कर्मचारियों में भी शोक की लहर है।
घटना की सूचना मिलते ही एनसीएल के अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। कर्मचारियों ने अमरेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

प्रेशर वाशर से गाड़ी धोते समय हादसा
इस घटना में सबसे अहम पहलू यह है कि अमरेंद्र ड्यूटी से लौटने के बाद अपने निजी आवास के गैरेज में सामान्य रूप से गाड़ी की धुलाई कर रहे थे। बिजली से चलने वाली मशीन के इस्तेमाल के दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद परिसर में बिजली से संचालित उपकरणों के इस्तेमाल और सुरक्षा को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे की परिस्थितियों की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के समय अमरेंद्र अकेले गैरेज में थे और पत्नी के पहुंचने के बाद आसपास के लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
नोट: मौत के कारण की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। फिलहाल चिकित्सकीय जांच में करंट लगना प्रथम दृष्टया कारण बताया गया है।
