गया। बिहार के गया जिले में दरोगा पुत्र रानू सिंह हत्याकांड के मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान गुरुवार देर रात मुठभेड़ हुई। मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में हत्याकांड के दो आरोपितों के पैर में गोली लगी। घायल दोनों आरोपितों को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आकस्मिक विभाग में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एपी आनंद के मुताबिक, दोनों घायलों के पैर में लगी गोलियां निकाल दी गई हैं। फिलहाल दोनों की स्थिति ठीक है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
अस्पताल में भर्ती दोनों घायलों का इलाज जारी
मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपितों को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों के पैर में गोली लगी थी। उपचार के दौरान गोलियां निकाल दी गई हैं। फिलहाल उनकी स्थिति ठीक बताई जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद दरोगा पुत्र हत्याकांड की जांच में पुलिस की कार्रवाई एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, मामले में सभी आरोपितों की भूमिका और वारदात के पीछे की वजह को लेकर जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

19 अक्टूबर को हुई थी दरोगा के दो बेटों पर गोलीबारी
यह मामला गया के मानपुर इलाके में 19 अक्टूबर की देर रात हुई गोलीबारी से जुड़ा है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में मोतिहारी में तैनात दरोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के दोनों बेटों को गोली मारी गई थी।
इस हमले में छोटे बेटे रानू सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनके बड़े भाई मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मोनू सिंह को बेहतर इलाज के लिए पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की थी। अब इसी हत्याकांड से जुड़े दो आरोपितों के मुठभेड़ में घायल होने की सूचना सामने आई है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच पर टिकी नजर
मुठभेड़ के बाद दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की आगे की कार्रवाई, हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से सामने आने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों घायल आरोपितों की हालत स्थिर है और उनका उपचार जारी है।

