भरूच (गुजरात): गुजरात के भरूच जिले के सायखा GIDC औद्योगिक क्षेत्र में स्थित SynZeal Pharmachem की इकाई में शुक्रवार रात हुए भीषण विस्फोट में पांच श्रमिकों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद मेथिलीन डाइक्लोराइड (MDC) गैस के रिसाव की भी सूचना मिली। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह हादसा वागरा तालुका के सायखा औद्योगिक क्षेत्र में रात करीब 10 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उस समय संयंत्र में हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया चल रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि रिएक्टर टैंक क्षतिग्रस्त होकर फट गया और मशीनरी के टुकड़े परिसर में बिखर गए। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में धूल और धुंध जैसी स्थिति बनने तथा कुछ लोगों को आंखों में जलन होने की खबरें सामने आईं।
पांच श्रमिकों की मौत, घायलों का उपचार जारी
भरूच के पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना के अनुसार, हादसे में पांच श्रमिकों की जान गई और पांच अन्य घायल हुए। मृतकों में जयदीप महेशभाई पटेल और भाविक दिलीपकुमार वसावा, जो अमोद के निवासी थे, वृंद तलाविया, जो गिर सोमनाथ जिले के तलाला से थे, तथा उत्तर प्रदेश के निवासी अनिकेत हरिलाल गौतम और अर्जुनकुमार रामसिंह गौतम शामिल बताए गए हैं।
घायल श्रमिकों की पहचान पवनकुमार रामसिंह गौतम, मौसमकुमार रामसेवक यादव, शिवदयाल रामअवतार यादव, प्रतीक प्रवीण प्रजापति और प्रियांशु बहादुरलाल के रूप में बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों के संबंध में जानकारी जुटाने तथा आवश्यक कार्रवाई करने का काम शुरू किया।

हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि संयंत्र में हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान विस्फोट हुआ। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) के अधिकारियों ने भी प्रक्रिया के दौरान गैस रिसाव होने की बात कही है। हालांकि, विस्फोट की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी खराबी, प्रक्रिया में गड़बड़ी या सुरक्षा मानकों से जुड़े किसी पहलू की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद मेथिलीन डाइक्लोराइड (MDC) गैस के रिसाव की सूचना मिली। संयंत्र के आसपास धूल और धुंध फैलने तथा आंखों में जलन की शिकायतों की भी रिपोर्ट आई। रासायनिक रिसाव की वास्तविक मात्रा और उसके प्रभाव का आकलन संबंधित विभागों की जांच के बाद सामने आएगा।
प्रशासन और तकनीकी विभागों की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय की टीमें भी जांच में शामिल हुईं। जांच का उद्देश्य विस्फोट के कारणों का पता लगाना, गैस रिसाव की परिस्थितियों को समझना और यह निर्धारित करना है कि संयंत्र में लागू औद्योगिक सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि रिएक्टर टैंक को भारी नुकसान पहुंचा और मशीनरी के हिस्से परिसर में फैल गए। घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा की स्थिति और दुर्घटना के कारणों का आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

नई औद्योगिक इकाई में सुरक्षा पर सवाल
SynZeal Pharmachem की सायखा इकाई लगभग एक वर्ष पहले स्थापित हुई थी और यहां दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले फार्मास्यूटिकल इंटरमीडिएट्स बनाए जाते हैं। रासायनिक उत्पादन में दबाव, तापमान और ज्वलनशील या हानिकारक पदार्थों से जुड़े जोखिमों को देखते हुए प्रक्रिया नियंत्रण, उपकरणों का रखरखाव, आपातकालीन योजना और कर्मचारियों का सुरक्षा प्रशिक्षण बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
इस दुर्घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन तैयारी पर फिर ध्यान गया है। हालांकि, किसी नियम के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है। संबंधित विभागों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम जरूरी हैं।
जांच के निष्कर्ष का इंतजार
भरूच के सायखा औद्योगिक क्षेत्र में हुए इस हादसे ने पांच परिवारों को गहरे शोक में डाल दिया है और घायल श्रमिकों के उपचार पर ध्यान केंद्रित है। फिलहाल, प्रशासन और तकनीकी विभाग विस्फोट तथा कथित गैस रिसाव की जांच कर रहे हैं। हादसे के सटीक कारण, सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति और संभावित जिम्मेदारी से जुड़े सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगा।
