गया: गया-कोडरमा रेलखंड पर टनकुप्पा रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित अंडरपास निर्माण को मंजूरी मिलने से आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन की उम्मीद जगी है। रेल लाइन के दोनों ओर सड़क संपर्क होने के बावजूद ट्रैक पार करने के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानी होती रही है। अंडरपास बनने पर उन्हें रेल पटरी पार करने के जोखिम से बचने में मदद मिल सकती है।
टनकुप्पा स्टेशन के पूर्वी गेट के पास अंडरपास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, धनबाद रेल मंडल ने योजना को मंजूरी दी है और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। हालांकि, निर्माण शुरू होने और पूरा होने की अद्यतन तारीख की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
टनकुप्पा रेलवे अंडरपास से किन लोगों को मिलेगी राहत?
टनकुप्पा और आसपास के गांवों के लोगों को रेल लाइन के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए सुरक्षित मार्ग की जरूरत है। पहले प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि रेलवे ट्रैक पार करने के लिए वैकल्पिक रास्ता लंबा पड़ता है, जबकि कुछ लोग मजबूरी में सीधे पटरी पार करते हैं। अंडरपास बनने से स्थानीय आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकता है।
रेल लाइन पार करने के दौरान जोखिम केवल पैदल चलने वालों तक सीमित नहीं रहता; रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होने से अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करने की जरूरत कम करने में मदद मिलेगी।

अंडरपास निर्माण की लागत और समय-सीमा
मार्च 2025 में प्रकाशित रिपोर्टों में टनकुप्पा स्टेशन के पास प्रस्तावित अंडरपास के लिए लगभग 6.78 करोड़ रुपये की लागत का उल्लेख किया गया था। बाद की रिपोर्टों में टनकुप्पा स्टेशन के आसपास रेल ओवरब्रिज/अंडरपास से जुड़ी योजनाओं और टेंडर की प्रगति की जानकारी सामने आई। परियोजना की मौजूदा स्वीकृत लागत, कार्यादेश और निर्माण की अंतिम समय-सीमा की पुष्टि संबंधित रेलवे अधिकारियों की नवीनतम सूचना से की जानी चाहिए।
रेलवे परियोजनाओं में मंजूरी, टेंडर, कार्यादेश और मौके पर निर्माण शुरू होना अलग-अलग चरण हैं। इसलिए योजना को मंजूरी मिलने को निर्माण पूरा होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। स्थानीय लोगों को अब निर्माण कार्य की शुरुआत और प्रगति से जुड़ी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
रेल सुरक्षा के लिहाज से क्यों अहम है यह परियोजना?
रेलवे ट्रैक को निर्धारित स्थानों के अलावा पार करना जानलेवा हो सकता है। टनकुप्पा में सुरक्षित अंडरपास का उद्देश्य लोगों को रेल लाइन के नीचे से गुजरने का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना है, जिससे अनधिकृत क्रॉसिंग की घटनाएं घटाने में मदद मिल सकती है। परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने, रास्ते के सही ढंग से जुड़ने और उसके नियमित उपयोग पर निर्भर करेगा।
गया-कोडरमा रेलखंड पर सड़क और रेल यातायात के बीच सुरक्षित संपर्क विकसित करना आसपास की बस्तियों के लिए महत्वपूर्ण है। अंडरपास की मंजूरी के बाद अगला अहम पड़ाव निर्माण शुरू होना और तय मानकों के अनुरूप काम पूरा करना होगा।

