वार्ड 43 में देर रात छापेमारी, ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन युक्त दवाओं के साथ 40 सिरिंज, 8 मोबाइल और 46 हजार रुपये बरामद
हाजीपुर: वैशाली जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर परिषद हाजीपुर के वार्ड संख्या-43 में सोमवार की देर रात हुई छापेमारी के दौरान 989 भरे हुए वायल बरामद किए गए। इन दवाओं में प्रतिबंधित श्रेणी के सक्रिय घटक ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन पाए गए हैं। कार्रवाई के दौरान दवाओं के साथ सिरिंज, हैंड ग्लव्स, मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है।
मामले में तेरसिया निवासी मिथिलेश राय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और संबंधित विभाग अब उससे पूछताछ के आधार पर इस कथित अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश और मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त वैशाली अभियान’ के तहत की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं, अवैध मादक पदार्थों और शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
एसडीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने की छापेमारी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, सोमवार रात अनुमंडल पदाधिकारी विशाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने वार्ड संख्या-43 में छापेमारी की। टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुबोध कुमार और औषधि निरीक्षक भी शामिल थे।

छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं मिलीं, जिनके संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन उपलब्ध नहीं पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दवाओं में पांच प्रकार की दवाएं शामिल हैं।
जांच में इनके सक्रिय घटकों में ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन पाए जाने की बात सामने आई है। दोनों नियंत्रित औषधियों की श्रेणी से संबंधित हैं और इनके अवैध भंडारण, बिक्री या वितरण को लेकर लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं के साथ सिरिंज और नकदी भी मिली
छापेमारी के दौरान केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि कई अन्य सामग्री भी बरामद हुई। प्रशासन के मुताबिक टीम ने 40 सिरिंज, 50 हैंड ग्लव्स, 8 मोबाइल फोन और 46,000 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
इन सामानों की बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस और संबंधित विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बरामद दवाओं की आपूर्ति कहां से हुई और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

मामले में गिरफ्तार मिथिलेश राय से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
बच्चों और युवाओं को लेकर सामने आई गंभीर जानकारी
जिला पदाधिकारी ने इस पूरे मामले को गंभीर बताया है। प्रशासन के अनुसार, छापेमारी के दौरान मिली जानकारी में यह पहलू भी सामने आया है कि छोटे बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन के लिए इंजेक्शन के इस्तेमाल का तरीका सिखाए जाने की बात कही गई है।
हालांकि, यह जांच का विषय है और इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस बात की भी पड़ताल करेगा कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

गंगा ब्रिज थाना की भूमिका की भी होगी समीक्षा
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में सूखे नशे के अवैध कारोबार और पहले की गई कार्रवाई की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन की ओर से गंगा ब्रिज थाना की भूमिका की जांच कराने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए पहले क्या कार्रवाई की गई थी और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
यदि जांच के दौरान किसी पुलिसकर्मी या अन्य संबंधित व्यक्ति की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी एजेंसियां
मिथिलेश राय की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद दवाएं कहां से आईं, इनके पीछे कौन लोग हैं और इनकी आपूर्ति किस नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी।

जिन लोगों की संलिप्तता जांच में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी।
इसके साथ ही जिले में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार पर भी निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
आम लोगों से प्रशासन ने मांगा सहयोग
जिला प्रशासन ने वैशाली के लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार, भंडारण, बिक्री या सेवन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
इसके लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06224-260233 और 06224-260234 तथा व्हाट्सऐप नंबर 8544424310 पर सूचना दी जा सकती है।

प्रशासन ने कहा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके विवरण को गोपनीय रखा जाएगा तथा सूचना के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नशामुक्त वैशाली अभियान में आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि ‘नशा मुक्त वैशाली अभियान’ के तहत छापेमारी और जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। खास तौर पर युवाओं और बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हाजीपुर में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब प्रशासन नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रहा है। अब जांच का मुख्य फोकस बरामद 989 वायल की सप्लाई चेन और इससे जुड़े संभावित अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।
