मोतीपुर थाना क्षेत्र से दबोचा गया आरोपी, बिहार STF की विशेष टीम ने की कार्रवाई; मोबाइल फोन बरामद
मुजफ्फरपुर: बिहार में अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच बिहार पुलिस की विशेष कार्यबल (STF) को बड़ी सफलता मिली है। STF की विशेष टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र से वांछित आरोपी मनीष साहनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत तीन मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
STF की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह कार्रवाई 12 अक्टूबर 2026 को की गई। विशेष टीम ने छापेमारी कर मनीष साहनी को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से जुड़े मामलों और उसकी भूमिका को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।
मोतीपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर गिरफ्तारी
बिहार STF के अनुसार, विशेष टीम को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना कांड संख्या 281/26, दिनांक 24 जुलाई 2026, में वांछित आरोपी मनीष साहनी की तलाश थी।
इसी मामले में दर्ज प्रावधानों के तहत आरोपी की तलाश की जा रही थी। STF की टीम ने कार्रवाई करते हुए मोतीपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

STF की कार्रवाई में आरोपी की पहचान मनीष साहनी, पिता स्वर्गीय राघो साहनी, निवासी रसूलपुर, थाना साहेबगंज, जिला मुजफ्फरपुर के रूप में की गई है।
हत्या और आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज
पुलिस के आधिकारिक दस्तावेज में बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के कई थानों में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कुल तीन मामले दर्ज हैं।
यानी मनीष साहनी पुलिस के लिए पहले से ही वांछित आरोपियों में शामिल था। STF की यह कार्रवाई उन मामलों में उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, STF की ओर से जारी सूचना में इन तीनों मामलों की अलग-अलग घटनाओं, आरोपों या कथित वारदातों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए संबंधित मामलों में आरोपी की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना उचित होगा।

एक मोबाइल फोन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान STF की टीम ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। बरामद मोबाइल को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
पुलिस जांच में मोबाइल फोन से संबंधित उपलब्ध जानकारी, संपर्क और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, STF की आधिकारिक सूचना में मोबाइल से प्राप्त किसी विशेष जानकारी या उसके आधार पर किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का उल्लेख नहीं किया गया है।
STF की कार्रवाई से अपराधियों में संदेश
बिहार में गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मुजफ्फरपुर में मनीष साहनी की गिरफ्तारी भी इसी अभियान का हिस्सा है।
हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े तीन मामलों में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी से संबंधित मामलों की जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को मदद मिल सकती है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ के जरिए मामलों से जुड़े अन्य तथ्यों को समझने की कोशिश कर सकती है।

हालांकि, आधिकारिक प्रेस नोट में पूछताछ से सामने आई किसी अतिरिक्त जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
STF की टीम द्वारा गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जिन धाराओं के तहत मोतीपुर थाना कांड दर्ज है, उनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 61(2), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 शामिल है।
मनीष साहनी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस संबंधित तीनों मामलों के रिकॉर्ड और आरोपी की कथित भूमिका को आगे की जांच में परखेगी। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित आरोपियों तक पहुंचने के लिए STF की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
फिलहाल मुजफ्फरपुर STF की कार्रवाई में वांछित आरोपी मनीष साहनी की गिरफ्तारी और एक मोबाइल फोन की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि हुई है। आगे की जांच में इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

