भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कॉकपिट में हमले के आरोपी हमाम अलहमामी की पहचान सामने आने के बाद उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान में उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सवाल उठे थे।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी (Hamam Alhamami) के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, वह ओमान का नागरिक है और उसके पुराने करियर तथा वैचारिक पृष्ठभूमि को लेकर अब जांच एजेंसियां कई पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अलहमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता थी। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, उसने ओमान के बाहर, खास तौर पर सीरिया में काफी समय बिताया था, जहां उसके कथित तौर पर ऐसे विचारों से प्रभावित होने की बात कही गई है। इन दावों की जांच चल रही है।
Oman Air में ट्रेनिंग भूमिका से हटाया गया था
CNN ने दो सूत्रों के हवाले से बताया कि अलहमामी को पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन Oman Air में एक ट्रेनिंग भूमिका से हटा दिया गया था। एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र के मुताबिक, इसके पीछे उसके कथित कट्टर विचारों को लेकर उठी चिंताएं थीं। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दी गई थी।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अलहमामी ने Oman Air में करीब सात साल काम किया था। उसके नाम से मिले LinkedIn प्रोफाइल में फरवरी 2025 में Oman Air छोड़ने और बाद में Royal Air Maroc में काम करने की जानकारी दर्ज थी। वह वहां जनवरी 2026 तक रहा, इसके बाद फ्लायदुबई से जुड़ा। एक इजरायली अधिकारी के मुताबिक, फ्लायदुबई में उसने करीब आठ महीने काम किया था।
सामान में फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा
मामले की जांच के दौरान अलहमामी की वैचारिक पृष्ठभूमि को लेकर अन्य रिपोर्टें भी सामने आई हैं। i24 News ने एक अमीराती सूत्र के हवाले से दावा किया कि उसके सामान में “Free Palestine” समूहों से जुड़े पर्चे और प्रकाशन तथा अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ता इन सामग्रियों को उसके कथित विचारों और हमले के संभावित मकसद की पड़ताल के हिस्से के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल यह जांच का विषय है कि इन सामग्रियों का 30 सितंबर की घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
UAE में चल रही आतंकवाद से जुड़ी जांच
30 सितंबर को फ्लायदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान अलहम्मामी पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर पर हमला करने और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करने का आरोप है। मामले की जांच में संभावित आतंकवादी मकसद समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा है, लेकिन हमले का अंतिम मकसद अभी जांच का विषय है।
घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और करीब 16,000 फीट की ऊंचाई कुछ ही समय में कम हुई। घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में सहायता की और बाद में विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित विमान से उतरे।
सवाल: तेल अवीव जाने वाली उड़ान में कैसे मिला मौका?
इस घटना के बाद एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि ओमान का नागरिक, ऐसे देश से आने के बावजूद जिसके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, तेल अवीव जाने वाली उड़ान के चालक दल में कैसे शामिल हुआ।
CNN के मुताबिक, एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि Shin Bet, Mossad, सेना और परिवहन मंत्रालय समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अलहमामी को इस उड़ान के चालक दल में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली और उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच किस स्तर पर हुई थी।
हम्माम अलहम्मामी कौन है?
रिपोर्टों के अनुसार, अलहम्मामी ओमान का नागरिक है। उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई बताई गई हैं। उसने अपने जीवन के कई वर्ष UAE में बिताए। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उसके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल जांच एजेंसियां उसके पुराने रोजगार, कथित वैचारिक सामग्री, यात्रा और उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड समेत कई पहलुओं को जोड़कर देख रही हैं। उसके कथित चरमपंथी विचारों और 30 सितंबर की घटना के बीच संबंध तथा हमले के वास्तविक मकसद पर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।