Maker Flood News: सारण के मकेर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने के बाद तेज बहाव ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच बाढ़ के पानी में बहने से पांच लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीन लोगों की तलाश जारी है।
तेज बहाव की चपेट में आए तीन लोग, तलाश जारी
मकेर थाना क्षेत्र के सुल्तानगंज निवासी शीतल महतो के पुत्र बहादुर महतो और धनसी महतो के पुत्र बबन महतो के शव बरामद किए गए हैं।
वहीं दक्षिण टोला निवासी मोहम्मद हबीब के पुत्र मोहम्मद अनवर, मोहम्मद नसीम के पुत्र तथा मुन्ना टेलर के पोते के लापता होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि तीनों एक पुल के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान पानी की तेज धार में बह गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक तीनों का पता नहीं चल सका था।
तटबंध टूटने के बाद तेजी से फैल रहा पानी
मकेर में बाढ़ की स्थिति गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और सारण तटबंध के टूटने के बाद और बिगड़ गई है। बाघाकोल और हैजलपुर के पास तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैलने लगा। कई जगह घर, खेत और सड़कें पानी से घिर गई हैं।
मकेर-अमनौर क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। एनएच-722 पर भी पानी चढ़ने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है और सड़क पर तेज बहाव से लोगों के लिए आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
चार से छह फीट पानी, कई रास्ते बंद
बाढ़ का पानी बढ़ने से मकेर प्रखंड की कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। भटोली गांव में करीब छह फीट, मसूरिया रोड पर लगभग पांच फीट और भाटा रोड पर करीब चार फीट पानी होने की बात सामने आई है।
तेज धारा के कारण इन रास्तों से गुजरना मुश्किल हो गया है। कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
मकेर बाजार में दो राहत शिविर सक्रिय
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मकेर बाजार में दो राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। यहां लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रभावित परिवारों को शिविरों में पूरी, चावल, दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है।
हालांकि, स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर परिस्थितियों में उन्हें तत्काल मदद हासिल करने में परेशानी हो रही है।
बचाव दल की मौजूदगी बढ़ाने की मांग
बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से बचाव दल की सक्रियता बढ़ाने, जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मकेर में नावों के जरिए लोगों तक पहुंचने और राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से तेज बहाव वाले रास्तों और पानी से घिरे इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता तीन लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना बनी हुई है।