CBI के मुताबिक Ribhav Rishi ने डांसर से रिश्ते के दौरान महंगे होटल, विदेश यात्राओं और पार्टियों पर खर्च किया; Dwarka में घर खरीदने के लिए करोड़ों रुपये देने का भी दावा
Chandigarh। हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी खातों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पैसे के इस्तेमाल से जुड़ी कई परतें सामने आ रही हैं।
₹657 करोड़ के IDFC First Bank-AU Small Finance Bank घोटाले की जांच में अब Ribhav Rishi की एक महिला से करीबी और उस पर किए गए कथित खर्च का ब्योरा भी सामने आया है।
CBI के सामने दिए गए महिला के बयान के मुताबिक, उसकी Rishi से मुलाकात 2025 में चंडीगढ़ के एक कार्यक्रम में हुई थी, जहां वह डांस कर रही थी। इसके बाद दोनों की मुलाकात जयपुर की एक फार्महाउस पार्टी में हुई और जुलाई 2025 में मुंबई के St. Regis होटल में Rishi ने उससे अपने प्यार का इजहार किया।
जांच एजेंसी के सामने महिला ने बताया कि Rishi ने उससे शादी करने और उसका व उसके परिवार का ख्याल रखने का भरोसा दिया था।
डांसर से रिश्ते के बाद हर महीने ₹10 लाख
CBI को दिए बयान के मुताबिक, Rishi ने अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक महिला को हर महीने ₹10 लाख दिए। कुल रकम करीब ₹56 लाख बताई गई है।
महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि Rishi ने यह पैसा इसलिए देना शुरू किया क्योंकि उसने डांस से होने वाली अपनी आय छोड़ दी थी। उसने यह भी कहा कि Rishi द्वारा आयोजित पार्टियों में वह दो-तीन बार ही परफॉर्म कर पाई।
यानी जांच में सामने आया कथित खर्च सिर्फ महंगे होटल और यात्राओं तक सीमित नहीं था, बल्कि नियमित तौर पर बड़ी रकम दिए जाने का भी दावा है।
दिल्ली में घर के लिए करोड़ों का भुगतान
महिला के बयान के मुताबिक, 18 जुलाई 2025 को Rishi ने दिल्ली के Dwarka में उसके लिए एक घर की बुकिंग के तौर पर ₹1 लाख दिए।
इसके बाद घर की कीमत का बड़ा हिस्सा Rishi ने चुकाया। बयान के मुताबिक, करीब ₹3.10 करोड़ नकद दिए गए, जबकि महिला ने इसमें ₹49 लाख का योगदान किया था। इसके अलावा करीब ₹90 लाख और दिए जाने थे, जिसमें से ₹65 लाख का भुगतान हो चुका था।
महिला ने बताया कि वह 2 जनवरी 2026 से इस घर में रह रही है।
CBI की जांच में संपत्तियों और पैसे के इस्तेमाल की कड़ी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को विभिन्न शेल कंपनियों के खातों के जरिए घुमाकर व्यक्तिगत लाभ और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया।
होटल से लेकर विदेश यात्राओं तक
जांच में सामने आए बयान के मुताबिक, दोनों के साथ रहने और यात्राओं के दौरान कई महंगे होटल बुक किए गए। इनमें चंडीगढ़ के Novotel, Holiday Inn और Hyatt, दिल्ली के Andaz, JW Marriott और ITC Maurya तथा गोवा का Taj Hotel शामिल हैं।
अगस्त 2025 में दोनों कुछ अन्य आरोपियों और महिला डांसरों के साथ मकाऊ और फिर थाईलैंड गए। इसके बाद नवंबर 2025 में दुबई की यात्रा का भी जिक्र जांच में हुआ है।
महिला के मुताबिक, दुबई में Rishi ने उसे एक नए बने 4-BHK डुप्लेक्स विला में ले जाकर बताया था कि वह भविष्य में वहीं उसके साथ बसने की योजना बना रहा है। जनवरी 2026 में दोनों के दुबई जाने और वहां Toyota Land Cruiser बुक किए जाने का भी बयान में उल्लेख है।
Jade Manor की पार्टियों में क्या होता था?
CBI के सामने महिला ने Rishi की ओर से आयोजित पार्टियों के बारे में भी जानकारी दी। उसके मुताबिक, इनमें से कई कार्यक्रम Jade Manor, Zirakpur में होते थे और हर कार्यक्रम पर औसतन ₹15 से ₹20 लाख तक खर्च होता था।
बयान के मुताबिक, आयोजक की तरफ से करीब पांच-छह महिला डांसरों को बुलाया जाता था। पार्टियों में सरकारी अधिकारियों के कथित तौर पर नोट उड़ाने की बात भी महिला ने जांच एजेंसी को बताई।
महिला ने दावा किया कि Rishi इन आयोजनों के लिए रकम की व्यवस्था करता था और डांसरों को मिली रकम का आयोजक के साथ 50:50 बंटवारा होता था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
Rishi ने महिला से अपनी पहचान कैसे बताई?
जांच में महिला ने बताया कि जुलाई 2025 में जब Rishi ने उसे अपने रिश्ते के बारे में बताया, तब उसने खुद को SRR Planning Gurus से जुड़ा इवेंट प्लानर बताया था। उसने यह भी कहा था कि वह चावल के आयात-निर्यात के कारोबार में है और IDFC First Bank में ब्रांच मैनेजर के तौर पर काम करता है।
CBI के मुताबिक, SRR Planning Gurus उन शेल कंपनियों में शामिल थी जिनके जरिए कथित तौर पर सरकारी धन को घुमाया गया। अलग-अलग जांच रिपोर्टों में इस कंपनी के जरिए बड़ी रकम के ट्रांसफर का उल्लेख है।
सरकारी पैसे की हेराफेरी का बड़ा मामला
यह पूरा मामला सिर्फ एक निजी रिश्ते या महंगी जीवनशैली तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी विभागों के बैंक खातों में रखी रकम को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों, गलत बैंक रिकॉर्ड और शेल कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया।
CBI की जांच में Rishi को कथित तौर पर इस पूरी साजिश का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। एक कोर्ट रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसने कम से कम 25 फर्जी debit transactions के जरिए ₹187.35 करोड़ की रकम कई सरकारी खातों से निकलवाई।
ED की जांच में भी SRR Planning Gurus, Swastik Desh Projects और दूसरी संस्थाओं के जरिए सरकारी धन को अलग-अलग खातों में भेजने और आगे layer करने की बात सामने आई है। एजेंसी ने मार्च 2026 में बताया था कि मामले में करीब ₹597 करोड़ के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की जांच की जा रही थी।
सिर्फ गर्लफ्रेंड नहीं, परिवार के खातों तक पहुंचा पैसा
CBI के मुताबिक, Rishi से जुड़ी रकम उसके निजी खाते के अलावा परिवार के सदस्यों के खातों तक भी पहुंची। जांच एजेंसी का आरोप है कि SRR Planning Gurus से Rishi के खाते में ₹5.40 करोड़ और Swastik Desh Projects से ₹1.50 करोड़ पहुंचे। वहीं, उसकी पत्नी Divya Arora के खाते में ₹18.32 करोड़ पहुंचने का भी दावा किया गया है।
केस में कई अधिकारी और बैंक कर्मचारी भी जांच के दायरे में
मामले की जांच में सिर्फ Rishi ही नहीं, बल्कि बैंक कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई है। CBI ने 2026 में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वरिष्ठ IAS अधिकारी Pankaj Aggarwal को भी ₹60.54 करोड़ की कथित हेराफेरी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। CBI ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा और कृषि विभागों से जुड़े खातों के जरिए रकम के कथित diversion की सुविधा मिली।
जांच में महिला की क्या भूमिका है?
महिला को CBI की जांच में एक महत्वपूर्ण गवाह के तौर पर देखा जा रहा है। जांच एजेंसी ने उसका Samsung Z Fold फोन भी जब्त किया है। उसके बयान के जरिए Rishi की कथित जीवनशैली, यात्राओं, पार्टियों और पैसों के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है।
लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि किसी गवाह का बयान अपने आप में अदालत में साबित अपराध नहीं होता। उसके बताए तथ्यों को जांच एजेंसी को दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और दूसरे सबूतों से साबित करना होगा।
₹657 करोड़ की कहानी में अब पैसे का पूरा हिसाब अहम
इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सरकारी खातों से निकाली गई रकम आखिर किन-किन लोगों और संपत्तियों तक पहुंची।
ED ने भी कहा है कि अलग-अलग शेल कंपनियों और खातों के जरिए रकम को घुमाने के बाद उससे संपत्तियां और दूसरी परिसंपत्तियां खरीदे जाने की जांच जारी है।
यानी इस केस की कहानी में महंगे होटल, विदेश यात्राएं और करोड़ों की संपत्ति सिर्फ चमकता हुआ हिस्सा हैं। असली सवाल यह है कि सरकारी खातों से निकली रकम का पूरा money trail आखिर कहां-कहां तक पहुंचा।