Dinman Times
  • ट्रेंडिंग
  • फोटो
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
Sign In
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Reading: सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने दिया इस्तीफा, अब प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उतरने की तैयारी
साझा करें
Notification
Font ResizerAa
Dinman Times
  • वेब स्टोरीज
  • होम
  • देश
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Search
  • होम
  • देश
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्‍ली
    • झारखण्‍ड
    • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • टेक्नोलॉजी
  • अपराध
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • खेल
  • करियर
  • धर्म
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
  • मौसम
Follow US
© 2026. All Rights Reserved.

Home - देश - सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने दिया इस्तीफा, अब प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उतरने की तैयारी

सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने दिया इस्तीफा, अब प्रधानमंत्री पद की दौड़ में उतरने की तैयारी

आभा शुक्ला
Last updated: सितम्बर 28, 2026 3:08 अपराह्न
By : आभा शुक्ला
Published on : 4 दिन पहले
सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक का इस्तीफा
सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक का इस्तीफा
साझा करें

दूसरी और अंतिम राष्ट्रपति पारी बीच में छोड़ी, 25 अक्टूबर को होंगे मध्यावधि संसदीय चुनाव; वुसिक की पार्टी सरकार बनाती है तो उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता खुल सकता है

बेलग्रेड: सर्बिया की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय से देश की राजनीति के केंद्र में रहे राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वुसिक ने 27 सितंबर को बेलग्रेड स्थित राष्ट्रपति भवन से समर्थकों को संबोधित करने के बाद इस्तीफे पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि वह अब राष्ट्रपति पद पर नहीं हैं और अगले दिन अपनी जिम्मेदारियां संसद की अध्यक्ष आना ब्रनाबिक को सौंप देंगे। ब्रनाबिक अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी।

वुसिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब सर्बिया में 25 अक्टूबर को मध्यावधि संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं। वुसिक की सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) इन चुनावों में उतर रही है। अगर उनकी पार्टी सरकार बनाने में सफल होती है, तो वुसिक के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, सर्बिया सरकार के आधिकारिक बयान में वुसिक ने चुनाव में एक सामान्य नागरिक के तौर पर हिस्सा लेने की बात कही है।

तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते वुसिक

56 वर्षीय वुसिक सर्बिया के राष्ट्रपति के तौर पर अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे थे। उनका मौजूदा कार्यकाल मई 2027 में खत्म होना था, लेकिन उन्होंने करीब सात महीने पहले ही पद छोड़ दिया। सर्बिया का संविधान किसी व्यक्ति को तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की अनुमति नहीं देता। ऐसे में राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद संसदीय राजनीति के रास्ते सत्ता में बने रहने की संभावना उनके लिए महत्वपूर्ण हो गई है।

वुसिक ने अपने संबोधन में अपने कार्यकाल का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने देश और जनता की सेवा ईमानदारी से की है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि उनके लिए लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

ये भी पढ़े

लाल बहादुर शास्त्री: छोटे कद के इस नेता की दृढ़ता ने बनाई अलग पहचान, रेल दुर्घटना के बाद दिया था इस्तीफा
दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने की तैयारी तेज, डीएम-एसपी ने दिए जरूरी निर्देश
रक्षा लेखा विभाग दिवस पर पटना में कार्यक्रम, नबारून धर ने टीमवर्क और अनुशासन पर दिया जोर
शारदा सिन्हा की आवाज में बसती थी बिहार की मिट्टी, लोक संस्कृति और परंपरा की आत्मा : डॉ. प्रमोद कुमार

इस्तीफे के बाद क्या होगा?

वुसिक के पद छोड़ने के बाद संसद की अध्यक्ष आना ब्रनाबिक कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका निभाएंगी। Reuters के मुताबिक, नए राष्ट्रपति का चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर कराया जाना होगा और वुसिक ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव का पहला चरण दिसंबर के अंत तक हो जाना चाहिए।

इसका मतलब है कि सर्बिया आने वाले महीनों में सिर्फ संसदीय चुनाव ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया से भी गुजरेगा।

नवंबर 2024 की घटना से शुरू हुआ राजनीतिक संकट

वुसिक का इस्तीफा सिर्फ चुनावी रणनीति के संदर्भ में नहीं देखा जा रहा है। इसके पीछे पिछले करीब दो साल से चल रहा राजनीतिक संकट भी महत्वपूर्ण है।

1 नवंबर 2024 को सर्बिया के दूसरे सबसे बड़े शहर नोवी साद में रेलवे स्टेशन की छतरी/कैनोपी का एक हिस्सा ढह गया था। हादसे में 16 लोगों की मौत हुई। इसके बाद देशभर में छात्रों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। प्रदर्शनकारियों ने घटना की जवाबदेही तय करने, सरकारी खरीद में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही वे समय से पहले संसदीय चुनाव कराने की मांग भी कर रहे थे।

सरकार ने भ्रष्टाचार और घटना के लिए सीधे तौर पर अपनी जिम्मेदारी के आरोपों को खारिज किया। हालांकि, इस हादसे के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और कुछ मंत्रियों ने पद छोड़ा या उन्हें गिरफ्तार किया गया। विरोध आंदोलन धीरे-धीरे सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक आंदोलन में बदल गया।

छात्रों का आंदोलन भी चुनावी मैदान में

25 अक्टूबर का चुनाव वुसिक की SNS और उसके सहयोगियों के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। दूसरी ओर, छात्र आंदोलन से जुड़ा समूह “Students Win” चुनाव मैदान में है। इसके साथ विपक्षी दलों का भी समर्थन है। इसके अलावा यूरोप समर्थक विपक्षी गठबंधन “European Serbia” समेत कई अन्य राजनीतिक समूह भी चुनाव लड़ रहे हैं।

इस चुनाव में करीब दो साल से चल रहे छात्र आंदोलनों का राजनीतिक असर भी सामने आ सकता है। हालांकि विभिन्न सर्वेक्षणों के दावों और उनकी पद्धति को लेकर स्वतंत्र सत्यापन की सीमाएं भी बताई गई हैं।

एक दशक से सर्बियाई राजनीति में वुसिक का दबदबा

अलेक्जेंडर वुसिक पिछले एक दशक से अधिक समय से सर्बिया की राजनीति में प्रमुख चेहरा रहे हैं। वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, दोनों पदों पर रह चुके हैं। उनके समर्थक उन्हें राजनीतिक स्थिरता, विकास परियोजनाओं और राष्ट्रीय हितों पर जोर देने वाले नेता के रूप में देखते हैं।

वहीं उनके विरोधियों ने सरकार पर सत्ता के केंद्रीकरण, संस्थाओं पर राजनीतिक प्रभाव और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए हैं। ये आरोप विपक्ष और प्रदर्शनकारियों की राजनीति का भी प्रमुख हिस्सा रहे हैं। वुसिक और उनके सहयोगी इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते।

रूस और यूरोप के बीच संतुलन भी बड़ी चुनौती

सर्बिया की विदेश नीति भी वुसिक के राजनीतिक दौर का अहम हिस्सा रही है। देश यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके रूस के साथ भी लंबे समय से करीबी संबंध हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद यह संतुलन और मुश्किल हुआ है। AP के अनुसार, रूस के खिलाफ यूरोपीय प्रतिबंधों में शामिल न होने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उठी चिंताओं ने सर्बिया की EU सदस्यता प्रक्रिया को प्रभावित किया है।

अब 25 अक्टूबर का संसदीय चुनाव यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि सर्बिया की अगली सरकार किस राजनीतिक समीकरण के साथ बनेगी। इसके बाद राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी होनी है। यानी वुसिक के इस्तीफे के साथ सर्बिया की राजनीति में एक अध्याय खत्म होने के बजाय सत्ता और चुनाव की एक नई प्रक्रिया शुरू हुई है।

TAGGED:International NewsSerbia NewsWorld Newsअलेक्जेंडर वुसिकसर्बिया
ख़बर साझा करें
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
abha
Byआभा शुक्ला
आभा शुक्ला पत्रकारिता, जनसंपर्क और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 5+ वर्षों के अनुभव वाली पत्रकार एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल हैं। पटना से जुड़ीं आभा को समाचार शोध, रिपोर्टिंग, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया आउटरीच और जनसंपर्क अभियानों का अनुभव है। उन्होंने Zee News में ट्रेनी जर्नलिस्ट के रूप में समाचार शोध, रिपोर्टिंग और कंटेंट डेवलपमेंट का अनुभव हासिल किया। इसके बाद UNE Consultant में PR Executive के तौर पर मीडिया आउटरीच, PR कैंपेन और कॉर्पोरेट इवेंट्स पर काम किया। TCS में Associate के रूप में उन्होंने डेटा मैनेजमेंट, रिसर्च और सूचना प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। आभा शुक्ला तथ्यपरक, शोध-आधारित और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाने में रुचि रखती हैं।
पिछली ख़बर World News Day 2026 पर लेटरप्रेस से डिजिटल और AI पत्रकारिता तक का सफर खबरों की इस दुनिया में अब आगे क्या है ? World News Day पर उन कलमों को सलाम, जो दुनिया को हर दिन जगाती हैं
अगली ख़बर दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार के यात्रियों को SMS अलर्ट दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार जाने वालों के लिए रेलवे की खास सुविधा, खाली सीट मिलते ही मोबाइल पर आएगा SMS

ये भी पढ़ें

Aaj Ka Rashifal, 2 October 2026

आज का राशिफल 2 अक्टूबर 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन, करियर, धन और प्रेम के मामले में क्या कहते हैं सितारे

Lal Bahadur Shastri की 122वीं जयंती पर उनके जीवन और राजनीतिक सफर की झलक

लाल बहादुर शास्त्री: छोटे कद के इस नेता की दृढ़ता ने बनाई अलग पहचान, रेल दुर्घटना के बाद दिया था इस्तीफा

Amitabh Bachchan KBC 18: सेट पर फिसलकर गिरे

अमिताभ बच्चन KBC के सेट पर फिसलकर गिरे, बाएं घुटने में लगी चोट; फिर भी जारी रखा शूट

Nalanda News: दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट

दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने की तैयारी तेज, डीएम-एसपी ने दिए जरूरी निर्देश

Defence Accounts Department Day

रक्षा लेखा विभाग दिवस पर पटना में कार्यक्रम, नबारून धर ने टीमवर्क और अनुशासन पर दिया जोर

Get Connected with us on social networks

Facebook-f X-twitter Instagram Youtube Linkedin-in

Poppular Categories

  • बिहार
  • देश
  • अपराध
  • राजनीति
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • करियर
  • खेल
  • उत्तर प्रदेश

Download APP

Google-play Apple
  • About us
  • Privacy Policy
  • Terms and Condition
  • Cookies Policy
  • Contact us
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?