मुजफ्फरपुर। शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। वार्ड 21 में एक कुत्ते ने कई मोहल्लेवासियों और राहगीरों को काट लिया। लगातार हो रही घटनाओं और नगर निगम की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं होने से नाराज स्थानीय लोगों ने कुत्ते को पकड़ लिया और महापौर निर्मला देवी के केदारनाथ रोड स्थित आवास के बाहर एक पोल से बांध दिया। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही।
राहगीरों और मोहल्लेवासियों को बना रहा था निशाना
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड 21 में कुत्ता काफी आक्रामक हो गया था और सड़क से गुजरने वाले लोगों के पीछे दौड़कर उन्हें काटने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान कई राहगीर और मोहल्लेवासी उसके हमले का शिकार हुए।
लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ रही थी। लोगों का कहना था कि नगर निगम को आवारा और आक्रामक कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
निगम से डॉग कैचर भेजने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने महापौर निर्मला देवी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद लोगों ने उप नगर आयुक्त को फोन कर मामले की जानकारी दी और कुत्ते को पकड़ने के लिए डॉग कैचर भेजने का आग्रह किया।
लोगों के मुताबिक, निगम की ओर से डॉग कैचर भेजा गया, लेकिन कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
रस्सी की मदद से लोगों ने कुत्ते को पकड़ा
इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद पहल की और किसी तरह रस्सी की मदद से कुत्ते को घेरकर पकड़ लिया। लोगों ने उसे वहां से ले जाकर महापौर के केदारनाथ रोड स्थित आवास के बाहर सड़क किनारे एक पोल से बांध दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
नगर निगम ने कहा- टेंडर प्रक्रिया चल रही है
घटना के बाद उप नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम की ओर से योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही शहर में आवारा कुत्तों की समस्या से लोगों को राहत दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावी व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक आक्रामक कुत्तों के कारण राहगीरों और मोहल्लेवासियों के लिए खतरा बना रह सकता है।