भागलपुर/सुपौल: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव के बीच कोसी नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। संभावित स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने कोसी क्षेत्र में अलर्ट बढ़ा दिया है। अगले 24 से 48 घंटे में वीरपुर कोसी बराज से छह लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज होने की आशंका जताई गई है।
शुक्रवार सुबह नौ बजे तक वीरपुर कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज 1.90 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया था। बढ़ते जलस्राव को देखते हुए बराज के 56 में से 20 फाटक खोल दिए गए हैं। सहरसा, सुपौल, खगड़िया और नवगछिया समेत कोसी क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
कोसी बराज से बढ़ा डिस्चार्ज, 20 फाटक खोले गए
वीरपुर कोसी बराज पर गुरुवार दोपहर से पानी के डिस्चार्ज में वृद्धि दर्ज की गई। शाम तक जलस्राव करीब 1.77 लाख क्यूसेक पहुंच गया था। शुक्रवार सुबह यह आंकड़ा 1.90 लाख क्यूसेक को पार कर गया।
बढ़ते पानी के दबाव को देखते हुए बराज के 56 फाटकों में से 20 को खोल दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पानी को नियंत्रित तरीके से डाउनस्ट्रीम की ओर प्रवाहित किया जा रहा है। जलस्राव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तटबंध के संवेदनशील बिंदुओं पर 24 घंटे निगरानी
संभावित भारी जलस्राव को देखते हुए पूर्वी कोसी तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। चन्द्रायण डिविजन, सहरसा के कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार के अनुसार, तटबंध के चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं की टीम को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
96.60 किलोमीटर, 101.23 किलोमीटर और 103.30 किलोमीटर के संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए बालू भरे बोरे, मजदूर और अन्य जरूरी संसाधन तैयार रखे गए हैं।
सुपौल के मरौना में भी अधिकारियों ने तटबंध के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। बीडीओ रचना भारतीय और सहायक अभियंता अरुण कुमार ने संवेदनशील स्थल 17.20 समेत अन्य स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निचले इलाकों में मुनादी, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
कोसी में संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए तटबंध के भीतर और निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कराई जा रही है। सहसा, सुपौल, खगड़िया और नवगछिया के प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर अपने परिवार, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए नावों और प्लास्टिक शीट की व्यवस्था भी की जा रही है।
सहरसा के महिषी और नवहट्टा क्षेत्र में अधिकारियों ने स्थानीय कर्मचारियों को अपने-अपने इलाकों में मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। नेपाल एपीएफ की ओर से भी बराज क्षेत्र में माइकिंग कर लोगों को नदी और नालों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
पहले कटाव से प्रभावित, अब बढ़ते जलस्राव ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ दिनों में कोसी का जलस्राव करीब 1.25 लाख से 1.50 लाख क्यूसेक के बीच रहने से लोगों को कुछ राहत मिली थी। हालांकि, जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण सुपौल के सत्तौर पंचायत के नारायणपुर और बिरजाईन में कटाव से करीब 200 परिवारों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
अब संभावित छह लाख क्यूसेक से अधिक डिस्चार्ज की चेतावनी ने तटबंध के भीतर और बाहर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।