Nalanda News: बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत श्रम विभाग की टीम ने रहुई प्रखंड के धमौली बाजार में कार्रवाई करते हुए एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया।
श्रम संसाधन एवं प्रवासी कल्याण विभाग, बिहार के निर्देश पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रहुई सुमित कुमार के नेतृत्व में विशेष धावा दल ने वेना थाना क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान धमौली बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान में एक बाल श्रमिक को काम करते हुए पाया गया। टीम ने तत्काल उसे कार्य से मुक्त कराया और सुरक्षित अभिरक्षा में लिया। बाद में विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, बिहारशरीफ के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
श्रम अधीक्षक नरेश प्रसाद ने कहा कि नालंदा जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रहुई सुमित कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी चंडी प्रिंस कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बिहारशरीफ सतीश सिंह, आईडिया संस्था नालंदा के उज्ज्वल कुमार एवं आश्विन कुमार तथा वेना थाना के पुलिस बल शामिल रहे।
श्रम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि कहीं भी बाल श्रमिक से काम कराया जाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या थाना को दें। विभाग का उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है।
नालंदा में हाल के दिनों में भी बाल श्रम के खिलाफ अभियान के दौरान अलग-अलग बाजारों से बाल श्रमिकों को मुक्त कराने की कार्रवाई सामने आई है।