डुमरांव: शहर से शक्ति द्वार होते हुए जंगलीनाथ शिव मंदिर मार्ग के रास्ते एनएच-922 को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
निर्माण में कथित अनियमितता और गुणवत्ता मानकों के पालन में कमी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को लोगों और युवाओं ने विरोध जताया। सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय के नेतृत्व में लोगों ने निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क डुमरांव शहर को एनएच-922 से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों के साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क का टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण निर्माण होना जरूरी है।
निर्माण सामग्री और गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई और गुणवत्ताहीन सामग्री का इस्तेमाल किया गया तो भारी वाहनों के आवागमन के कारण सड़क जल्द खराब हो सकती है। इससे सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद लोगों को लंबे समय तक बेहतर सड़क की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने के साथ सड़क में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं होने पर भी नाराजगी
लोगों ने निर्माण स्थल पर आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि किसी सरकारी निर्माण कार्य से संबंधित जरूरी जानकारी आम लोगों को उपलब्ध होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बोर्ड पर योजना की लागत, निर्माण एजेंसी, कार्य की अवधि और अन्य जरूरी विवरण दर्ज होने चाहिए, ताकि लोग निर्माण कार्य की जानकारी आसानी से हासिल कर सकें।
स्वीकृत एस्टीमेट सार्वजनिक करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क निर्माण के स्वीकृत एस्टीमेट को सार्वजनिक करने की भी मांग की। उनका कहना है कि लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि सड़क निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है और सड़क की निर्धारित लंबाई व चौड़ाई कितनी है।
इसके अलावा निर्माण में किस प्रकार की सामग्री का इस्तेमाल किया जाना है और काम पूरा करने की समय सीमा क्या तय की गई है, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई।
अजय राय बोले- विकास कार्य में पारदर्शिता जरूरी
सामाजिक कार्यकर्ता अजय राय ने कहा कि सरकारी विकास कार्य जनता के पैसे से किए जाते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता का ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराने, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने और यह पता लगाने की मांग की कि काम स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार हो रहा है या नहीं।
एसडीएम को सौंपा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
मामले को लेकर अजय राय के नेतृत्व में युवाओं और स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल डुमरांव एसडीएम राजीव कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, कार्य प्रक्रिया और स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार काम किए जाने की जांच कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि निर्माण सामग्री के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
जांच के बाद कार्रवाई का मिला आश्वासन
एसडीएम राजीव कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायत सुनी और संबंधित पदाधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ता के साथ किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
एसडीएम के आश्वासन के बाद लोगों ने उम्मीद जताई कि सड़क निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों या संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं है। उनकी मांग है कि सड़क का निर्माण मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और लंबे समय तक टिकाऊ हो, जिससे डुमरांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इसका स्थायी लाभ मिल सके।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत ठाकुर, लव कुमार, विकास सिंह, दीपक कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।