JP University News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) परिसर में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन अनशन गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। लगातार अनशन के बीच आंदोलन कर रहे दो छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद धरनास्थल पर पहुंची मेडिकल टीम ने दोनों की स्वास्थ्य जांच की।
अनशन के दौरान कमजोरी महसूस होने पर प्रांत एसएफडी प्रमुख रवि कुमार पांडेय और प्रांत सह मंत्री यशवंत कुमार की चिकित्सकीय जांच कराई गई। मेडिकल टीम ने दोनों के स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी की।
लंबित छात्र समस्याओं के समाधान की मांग
एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान को लेकर जब तक ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा। आंदोलन में विशेष रूप से सत्र 2023-27 से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई जा रही है।
छात्र नेताओं के मुताबिक लंबे समय से कई विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े अलग-अलग मामलों को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि इन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना जरूरी है, ताकि छात्रों को आगे की पढ़ाई और परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानी न हो।
मार्कशीट और परीक्षा से जुड़े मुद्दे भी उठाए
एबीवीपी ने सत्र 2025-29 की मार्कशीट जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। इसके अलावा परीक्षा और नामांकन से संबंधित समस्याओं का समाधान करने की मांग की जा रही है। संगठन ने विद्यार्थियों से लिए जा रहे अधिक शुल्क के मामले में भी कार्रवाई की मांग की है।
आंदोलनरत छात्र नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द निर्णय लेकर लंबित मामलों को समाप्त करने की मांग की है।
अनशन को मिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन
एबीवीपी के आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष कुमार समेत अन्य लोग भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अनशन कर रहे छात्र नेताओं से मुलाकात की और उनकी मांगों के बारे में जानकारी ली।
फिलहाल जेपी विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की मांगों को लेकर एबीवीपी का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस पहल होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।