Munger News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कहा कि मुंगेर से भागलपुर के बीच प्रस्तावित 83 किलोमीटर लंबे गंगा पथवे के डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब इस सड़क को एलिवेटेड रोड के बजाय एट ग्रेड सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी मुंगेर के सीताकुंड स्थित बाढ़ राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान दी।
गंगा पथवे में बदला गया सड़क का डिजाइन
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले मुंगेर-भागलपुर गंगा पथवे को एलिवेटेड सड़क के रूप में बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसके स्वरूप में बदलाव किया गया है। सड़क को एट ग्रेड संरचना में तैयार किया जाएगा।
प्रस्तावित सड़क में गंगा किनारे गाइड वॉल बनाने की बात कही गई है। इसके जरिए बाढ़ के पानी के फैलाव को नियंत्रित करने और बाढ़ के दौरान सड़क को होने वाले नुकसान को कम करने का लक्ष्य बताया गया है।
सड़क को इस तरह तैयार करने की योजना है कि सामान्य दिनों में इससे आवागमन हो सके और बाढ़ के दौरान भी यह संरचना बाढ़ नियंत्रण में सहायक हो।
सीताकुंड राहत शिविर में पहुंचे सम्राट और शिवराज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को मुंगेर के सीताकुंड स्थित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे। दोनों नेताओं ने राहत शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
शिवराज सिंह चौहान ने शिविर में बच्चों के लिए संचालित अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों के जरिए बाढ़ प्रभावित छोटे बच्चों के पोषण और देखभाल को जारी रखने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और सर्वे के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों तथा किसानों के लिए आगे सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
8.5 लाख लोगों के खातों में पहुंची राहत राशि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उनके अनुसार, करीब 8.5 लाख लोगों के बैंक खातों में जीआर की राहत राशि भेजी जा चुकी है और सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है।
केंद्र सरकार की ओर से भी बिहार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया है। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी
सीताकुंड राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की। अधिकारियों से राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली गई।
केंद्र और राज्य की टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित इलाकों और किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।