10 दिनों में व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम, वेतन रोकने का निर्देश; निजी एंबुलेंस पर भी कार्रवाई के आदेश
गया: अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर और विभिन्न वार्डों में सफाई, जलजमाव, प्रकाश व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाला भोजन, चिकित्सकीय सुविधाओं और डॉक्टरों की उपस्थिति समेत कई बिंदुओं की जांच की गई।

कई जगह व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
अस्पताल की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं पाए जाने पर डीएम ने कार्यरत सभी छह हॉस्पिटल मैनेजर और हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगने तथा उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में अगले 10 दिनों के भीतर सुधार दिखाई देना चाहिए।
निर्धारित समय में स्थिति नहीं सुधरने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी भी दी गई।
प्रवेश द्वार पर जलजमाव, पेवर ब्लॉक लगाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल भवन के प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी जमा मिला। इस पर डीएम ने तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। साथ ही प्रवेश द्वार के आसपास पेवर ब्लॉक बिछाने के लिए बीएमएसआईसीएल की एजेंसी को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
डीएम ने पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण करते हुए जहां भी कमियां मिलीं, उनकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कराने का निर्देश दिया। जलजमाव वाले सभी स्थानों को चिन्हित कर उसके स्थायी समाधान पर भी जोर दिया गया।
खराब पंखे और एसी जल्द ठीक कराने के निर्देश
अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में खराब पंखे और एयर कंडीशन तथा एमसीएच वार्ड में खराब एयर कंडीशन समेत अन्य तकनीकी खामियां भी निरीक्षण के दौरान सामने आईं। डीएम ने इन्हें तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
अस्पताल परिसर के जिन हिस्सों में ब्लैक स्पॉट हैं, वहां अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था कराने को कहा गया। सभी चिन्हित कमियों को अगले सात दिनों के भीतर दूर करने का निर्देश दिया गया है।

निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर से बाहर करने का आदेश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी मिलने पर डीएम ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए।
अनुमंडल पदाधिकारी सदर और पुलिस उपाधीक्षक नगर को उसी दिन विशेष अभियान चलाकर परिसर में खड़ी निजी एंबुलेंस को बाहर कराने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि यह निर्देश 20 सूत्री की बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा की ओर से डीएम को दिया गया था।
मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की जरूरत न पड़े
डीएम ने नवजात शिशु ओपीडी वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों द्वारा बच्चों के लिए लिखी जा रही दवाओं को देखा और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही यह भी पूछा कि मरीजों को कौन-कौन सी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
उन्होंने मगध मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक को निर्देश दिया कि मरीजों के लिए जरूरी सभी बेसिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता अस्पताल में सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी न हो।
हर दिन बदलेगी बेडशीट, कलर कोड का पालन जरूरी
वार्डों में बेडशीट की व्यवस्था की भी डीएम ने समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और सभी हॉस्पिटल मैनेजर को राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार निर्धारित कलर कोड के मुताबिक प्रतिदिन बेडशीट बदलने का निर्देश दिया।
सफाई व्यवस्था को लेकर डीएम ने साफ कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सफाई टीम की नियमित निगरानी करने और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा गया। यदि किसी स्थान पर सफाई में लापरवाही मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ पेनल्टी की कार्रवाई की जाएगी।
शौचालयों की सफाई की खुद जांच की
डीएम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में स्थित शौचालयों की सफाई व्यवस्था का भी स्वयं निरीक्षण किया। कई जगह सफाई अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने सुलभ सफाई एजेंसी को अस्पताल के सभी शौचालयों में नियमित और बेहतर सफाई सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उद्देश्य अस्पताल परिसर में स्वच्छता, मरीजों की सुविधाओं और मूलभूत व्यवस्थाओं को तय समयसीमा में बेहतर करना है।