श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर, पिंडदान स्थलों के काम की भी हुई समीक्षा
गया, 11 सितंबर 2026। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गयाजी में तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है।
इसी क्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शुक्रवार को गयाजी टाउन के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क, नाली, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, विद्युत आपूर्ति और पिंडदान स्थलों पर चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आधिकारिक गयाजी पोर्टल के मुताबिक इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों और नालियों को दुरुस्त करने समेत कई व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
टूटी सड़कों की जल्द मरम्मत का निर्देश
निरीक्षण के दौरान गयाजी टाउन के कई हिस्सों में टूटे हुए मुख्य मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने पर जोर दिया गया। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य सड़कों के साथ पिंडदान स्थलों, घाटों और अन्य प्रमुख आवागमन वाले रास्तों को पूरी तरह व्यवस्थित रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को सड़क, नाली, खुले मैनहोल और अन्य छोटी-बड़ी कमियों को मेला शुरू होने से पहले दूर करने का निर्देश दिया।
गयाजी में मेला तैयारियों के तहत सड़कों, नालियों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम पहले से जारी है।
सफाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख पिंडदान स्थलों, घाटों, तालाबों, धार्मिक स्थलों और आवागमन वाले मार्गों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
वहीं, पेयजल की व्यवस्था को लेकर मेला क्षेत्र में 17 स्थानों पर वाटर प्याऊ बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी पनशाला लगाने की भी तैयारी है।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए रहने और दूसरी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से 2,500 बेड की टेंट सिटी, अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र और हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है।
खराब स्ट्रीट लाइटें होंगी दुरुस्त
मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। खराब लाइटों का सर्वे कर मरम्मत कराने और जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है, वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले हॉटस्पॉट और ब्लैक स्पॉट पर हाईमास्ट एवं मिनी हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना भी बनाई गई है, ताकि रात के समय आवागमन में परेशानी न हो।
रामकुंड, गोदावरी, ब्रह्मसत और वैतरणी के मिनी झरनों की होगी मरम्मत
निरीक्षण के दौरान गयाजी के प्रमुख धार्मिक तालाबों में लगे मिनी झरनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। रामकुंड, गोदावरी तालाब, ब्रह्मसत और वैतरणी में लगे मिनी झरनों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया।
इन स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए मेला शुरू होने से पहले यहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।
24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कंट्रोल रूम
पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को 24 घंटे निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग भी तैयारी में जुटा है।
विद्युत अधीक्षण अभियंता संदीप प्रकाश के अनुसार, मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं। यहां अधिकारियों और कर्मियों की तीन पालियों में प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए वॉकी-टॉकी व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे बिजली से जुड़ी किसी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी के लिए बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालु गयाजी से बेहतर अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।
इस बार मेले के दौरान आवास, हेल्पलाइन, पर्यटक सूचना केंद्र और परिवहन जैसी सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है।