आरा: बिहार के आरा रेलवे स्टेशन पर महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने की घटना सामने आई है। अलीपुरद्वार से दिल्ली जा रही महानंदा एक्सप्रेस आरा स्टेशन के पास हादसे का शिकार हो गई। प्रारंभिक जांच में सिग्नल को लेकर हुई चूक को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
दूसरे ट्रैक का सिग्नल समझने की बात
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महानंदा एक्सप्रेस जिस लाइन पर खड़ी थी, उस लाइन का सिग्नल लाल था। इसी दौरान पास की दूसरी लाइन, जो सासाराम की दिशा में जाती है, उसका सिग्नल हरा हो गया।
बताया जा रहा है कि लोको पायलट ने दूसरे ट्रैक के हरे सिग्नल को अपनी ट्रेन के लिए समझ लिया। इसके बाद ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। कुछ दूरी तक जाने के बाद स्थिति का एहसास हुआ कि ट्रेन सही लाइन पर नहीं जा रही है।
ट्रेन को पीछे करने के दौरान डिरेलमेंट
गलती का पता चलने के बाद ट्रेन को नियंत्रित करने और पीछे करने की कोशिश की गई। इसी दौरान ट्रेन के कुछ कोचों की ट्रॉली पटरी से उतर गई। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी गई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया।
डिरेलमेंट के कारण रेलवे परिचालन भी प्रभावित हुआ। ट्रैक को दोबारा सामान्य करने के लिए रेलवे की ओर से राहत और बहाली का काम शुरू किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर डिरेल हुए कोचों और ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी, लेकिन कोई घायल नहीं
ट्रेन के डिरेल होने की जानकारी मिलते ही यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।
रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों की स्थिति का जायजा लिया और परिचालन को जल्द से जल्द सामान्य करने की कोशिश की। हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने घटना से जुड़े तकनीकी और परिचालन पहलुओं की जांच शुरू की।
जांच के बाद सामने आएगा हादसे का असली कारण
फिलहाल सिग्नल को लेकर हुई कथित चूक को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। रेलवे की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए वास्तव में कौन-से कारण जिम्मेदार थे।
जांच में सिग्नल सिस्टम, ट्रेन संचालन, प्वाइंट की स्थिति और लोको पायलट द्वारा लिए गए निर्णय समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है। रेलवे अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
आरा रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन संचालन में सिग्नल व्यवस्था और मानवीय सतर्कता के महत्व को सामने ला दिया है। फिलहाल यात्रियों के सुरक्षित होने को इस घटना में सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।