बक्सर | संवाददाता कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक मध्य विद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल की गिरफ्तारी की सूचना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बक्सर पुलिस ने उसे बक्सर रेलवे स्टेशन से पकड़ा है।
बताया जा रहा है कि वह शहर से बाहर भागने की तैयारी में था। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी को रेलवे स्टेशन से पकड़ने के बाद उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस उससे घटना से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है।
खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा के साथ हुई घटना में उसकी क्या भूमिका थी और आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने तथा उसे लेकर ब्लैकमेल किए जाने के मामले में उसकी कितनी संलिप्तता रही।
बताया जा रहा है कि पुलिस को आरोपी के बक्सर रेलवे स्टेशन पर होने की जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम सक्रिय हुई और स्टेशन से उसे पकड़ लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उस समय आरोपी शहर से बाहर निकलने की कोशिश में था।
हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से क्या मिला और उसे किस जगह रखा गया है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शिक्षक अरविंद कुमार और विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी शामिल हैं। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू की।
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। विद्यालय से जुड़े लोगों से जानकारी ली गई और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की गई। इसी दौरान फरार चल रहे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल की तलाश भी जारी थी।
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना की शुरुआत कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। पहले गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ और अब फरार आरोपी की संभावित गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
पूरा मामला छात्रा से दुष्कर्म के साथ उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने और बाद में उस वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किए जाने के आरोपों से जुड़ा है। आरोपों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस अब घटना के हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि आपत्तिजनक वीडियो किस डिवाइस से बनाया गया, वह किसके पास रहा और उसे किसी अन्य व्यक्ति तक भेजा गया या नहीं। इस मामले में मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा हो सकते हैं।
हालांकि, इन बिंदुओं को लेकर पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के कारण गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी को फिलहाल सूत्रों के आधार पर ही देखा जा रहा है। पुलिस का आधिकारिक बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी को वास्तव में गिरफ्तार किया गया है या नहीं और उसके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की गई है।
यदि गिरफ्तारी की पुष्टि होती है तो आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस को पूछताछ और जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई करनी होगी।
पुलिस फिलहाल पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पहले गिरफ्तार किए गए शिक्षक अरविंद कुमार और प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी से पूछताछ के बाद अब फरार आरोपी के बारे में सामने आई जानकारी को भी जांच से जोड़ा जा रहा है।
पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मामले में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही और छात्रा को ब्लैकमेल करने की घटना में किन लोगों की संलिप्तता सामने आती है।