मथुरा में पहली बार 500 ड्रोन से दिखाई गई श्रीकृष्ण की जन्म और लीलाएं, अयोध्या में राम मंदिर में विशेष आयोजन; इजराइल के मोशाव एवियल में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मनाया जन्मोत्सव
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर शुक्रवार, 4 सितंबर को देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। मथुरा-वृंदावन से लेकर अयोध्या तक मंदिरों में विशेष पूजा, भजन, कीर्तन और झांकियां सजाई गईं। आधी रात को श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में घंटे-घड़ियाल और शंख गूंज उठे।
इस बार मथुरा का जन्माष्टमी उत्सव इसलिए भी खास रहा, क्योंकि पहली बार 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं को दिखाया गया।
अयोध्या में राम मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। पंचांग के अनुसार इस बार 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई गई। अयोध्या के राम मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया गया। मंदिरों में सजावट, पूजा-अर्चना और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
राम मंदिर में जन्माष्टमी का आयोजन इस मायने में भी खास रहा कि राम की नगरी में कृष्ण जन्मोत्सव की तस्वीरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर मंदिर की सजावट और श्रीकृष्ण की पालकी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचते रहे।
मथुरा में 500 ड्रोन ने बनाया कृष्णमय आसमान
श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में इस बार जन्माष्टमी का सबसे बड़ा आकर्षण 500 ड्रोन शो रहा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में एक साथ 500 ड्रोन आसमान में उड़ाए गए। इनके जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी अलग-अलग लीलाओं से जुड़ी आकृतियां और दृश्य बनाए गए। यह मथुरा में इस तरह का पहला बड़ा ड्रोन शो था।
इससे पहले मथुरा और वृंदावन को रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से सजाया गया था। जन्माष्टमी के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे। प्रशासन के मुताबिक, इस अवसर पर मथुरा में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था भी मजबूत की गई थी।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भी विशेष सजावट की गई। जन्माष्टमी की रात भगवान के जन्म के समय भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बांके बिहारी मंदिर समेत वृंदावन के मंदिरों में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
इजराइल में भी गूंजा ‘हरे रामा-हरे कृष्णा’
जन्माष्टमी की भक्ति भारत तक सीमित नहीं रही। उत्तरी इजराइल के मोशाव एवियल में भी कृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। यहां देशभर से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या यहूदी समुदाय के लोगों की थी। कार्यक्रम के दौरान ‘हरे रामा, हरे कृष्णा’ के जयकारे गूंजते रहे।
यहां के सांस्कृतिक केंद्र को भगवान कृष्ण और भारतीय संस्कृति से जुड़ी सजावट से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने कृष्ण भक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राधा-कृष्ण के प्रेम और समर्पण पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को कृष्ण प्रसाद दिया गया, जिसमें 108 तरह के शाकाहारी व्यंजन शामिल थे।
आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का संगम
इस साल की जन्माष्टमी में एक तरफ मथुरा के मंदिरों में सदियों पुरानी पूजा और आधी रात के जन्मोत्सव की परंपरा दिखाई दी, तो दूसरी ओर 500 ड्रोन ने आधुनिक तकनीक के जरिए कृष्ण की लीलाओं को आसमान पर उतार दिया। अयोध्या में राम मंदिर से लेकर मथुरा और इजराइल तक सामने आई तस्वीरों ने यह दिखाया कि श्रीकृष्ण की भक्ति देश की सीमाओं से आगे भी लोगों को जोड़ रही है।
कृष्ण जन्माष्टमी का यह उत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक के अनोखे मेल के रूप में याद किया जाएगा।