जमुई/बरहट। पुलिस अधिकारी का नाम सुनते ही आमतौर पर लोगों के मन में कड़क और सख्त छवि उभरती है, लेकिन जमुई जिले के बरहट थाना प्रभारी कुमार संजीव ने अपने मानवीय अंदाज से एक अलग मिसाल पेश की है।
मामला नूमर महाल के चौकीदार रामाशंकर पासवान की सेवानिवृत्ति से जुड़ा है। करीब 25 वर्षों तक पुलिस विभाग में निष्ठापूर्वक सेवा देने के बाद जब रामाशंकर पासवान रिटायर हुए, तो बरहट थाने में उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया।
इस दौरान थाना परिसर में रामाशंकर पासवान को फूल-मालाएं पहनाकर और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सहकर्मियों और पुलिस अधिकारियों ने उनके लंबे सेवाकाल को याद किया और उनके योगदान की सराहना की।
थाना प्रभारी ने खुद संभाली गाड़ी की स्टेयरिंग
विदाई समारोह खत्म होने के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने पुलिस विभाग के मानवीय पहलू को सामने ला दिया। थाना प्रभारी कुमार संजीव ने खुद गाड़ी की स्टेयरिंग संभाली और सेवानिवृत्त चौकीदार रामाशंकर पासवान को अपनी गाड़ी में बैठाकर उनके घर तक छोड़ने पहुंचे।

थाना प्रभारी के इस कदम ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। एक अधिकारी द्वारा अपने साथ काम कर चुके कर्मचारी को इस तरह सम्मान के साथ घर पहुंचाना इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
चौकीदार : 25 साल की सेवा के बाद मिला यादगार सम्मान
रामाशंकर पासवान ने करीब ढाई दशक तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के मौके पर आयोजित सम्मान समारोह उनके लिए यादगार बन गया। समारोह में उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ उनके सेवाकाल और विभाग के प्रति योगदान को भी याद किया गया।
इसके बाद थाना प्रभारी का खुद उन्हें घर तक छोड़ने जाना इस विदाई को और खास बना गया।
पुलिस के इस मानवीय कदम की हो रही सराहना
थाना प्रभारी कुमार संजीव के इस कदम की स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि अपने साथ काम करने वाले लोगों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाना भी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, थाना प्रभारी का यह व्यवहार खाकी के मानवीय चेहरे को सामने लाता है और पुलिस तथा आम लोगों के बीच विश्वास को मजबूत करने में मदद करता है।
परिजनों ने जताया आभार
थाना प्रभारी के इस व्यवहार से रामाशंकर पासवान और उनके परिजन भी खुश नजर आए। परिवार की ओर से इस सम्मान और आत्मीयता के लिए थाना प्रभारी कुमार संजीव का आभार जताया गया।
रामाशंकर पासवान के लिए 25 वर्षों की सेवा के बाद मिला यह सम्मान उनकी पुलिस सेवा की एक यादगार विदाई बन गया।