भागलपुर। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से भागलपुर में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। रविवार सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 33.10 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 33.68 मीटर से महज 58 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से शहर से सटे घाटों और निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।
जमुनिया धार पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सखीचंद घाट, बूढ़ानाथ और बड़ी खंजरपुर तक पानी पहुंच गया है। शहर के गंगा किनारे स्थित कई घाटों पर पानी लबालब है। कुछ जगहों पर पानी मोहल्लों के करीब पहुंच गया है। शनिवार तक जहां खाली जमीन नजर आ रही थी, वहां रविवार दोपहर तक पानी फैल गया।
जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 33.10 मीटर दर्ज किया गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चेतावनी स्तर से 42 सेंटीमीटर ऊपर
भागलपुर में गंगा का चेतावनी स्तर 32.68 मीटर है। मौजूदा जलस्तर इससे 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। खतरे का निशान 33.68 मीटर है। यानी नदी अब खतरे के निशान से केवल 58 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 34.86 मीटर है। मौजूदा जलस्तर एचएफएल से 1.76 मीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए अगले एक-दो दिन तटवर्ती इलाकों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
खेतों के बाद गांवों की ओर बढ़ रहा पानी
गंगा के बढ़ते पानी का असर खेतों पर भी पड़ने लगा है। निचले इलाकों में मक्का, सब्जी और दूसरी फसलों के डूबने की आशंका बढ़ गई है। किसानों के सामने अब फसल बचाने के साथ परिवार और पशुओं को सुरक्षित रखने की चुनौती है।
पानी फैलने से पशुओं के चारे की व्यवस्था भी मुश्किल होने लगी है। कई ग्रामीण परिवार अनाज, जरूरी सामान और पशुचारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं।
रजंदीपुर से ममलखा तक निचले इलाके प्रभावित
सबौर प्रखंड के रजंदीपुर, इंग्लिश, ममलखा और फरका समेत कई गांवों के निचले इलाकों में गंगा का पानी पहुंचने लगा है। फरका के खेल मैदान में भी पानी फैल गया है।
ग्रामीणों ने पानी के बहाव को रोकने के लिए बांध पर मिट्टी डालकर तत्काल बचाव का प्रयास किया। मुखिया राजेंद्र प्रसाद मंडल ने इसकी सूचना सीओ और जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर को दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा की धार इसी तरह बढ़ती रही तो खेतों के बाद गांवों में भी पानी प्रवेश कर सकता है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों में विस्थापन की चिंता बढ़ गई है।
कहलगांव में सहायक नदियां भी उफान पर
गंगा का दबाव अजगैवीनाथ धाम से लेकर कहलगांव तक दिखाई दे रहा है। कहलगांव की सहायक नदियां कुआ, भयाना, गेरुआ और घोघा भी उफान पर हैं।
पक्कीसराय, त्रिमोहन, एकचारी, धनौरा, रामपुर खड़हरा, ओगरी, तौफिल, अंठावन, बीरबन्ना, पकड़तल्ला और आमापुर चौर में भी पानी तेजी से फैल रहा है। इससे मिर्च, मक्का समेत दूसरी फसलों को नुकसान की आशंका है।
ऊपर के इलाकों में बढ़ा पानी, भागलपुर पर दबाव
गंगा के ऊपरी इलाकों में बढ़ते जलस्तर का असर डाउनस्ट्रीम में भी दिख रहा है। पटना क्षेत्र में पानी बढ़ने के बाद मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव की ओर नदी का दबाव बढ़ा है।
ऐसे में भागलपुर में गंगा के जलस्तर पर अगले कुछ दिनों तक विशेष नजर रखने की जरूरत है। 33.10 मीटर तक पहुंचा जलस्तर अब खतरे के निशान से सिर्फ 58 सेंटीमीटर दूर है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है।