फूल और गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाई कार, परिवार ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
संवाद सहयोगी, मुंगेर: बेटी के जन्म पर मायूसी की खबरों के बीच कासिम बाजार थाना क्षेत्र के छोटी मिर्जापुर निवासी अंकित कुमार के परिवार ने समाज को सुखद और सकारात्मक संदेश दिया है। शादी के दो वर्ष बाद अंकित की पत्नी मिताली प्रधान ने सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में बेटी को जन्म दिया। घर में बेटी की किलकारी गूंजते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
शनिवार को नवजात बेटी को अस्पताल से घर ले जाने के लिए परिवार ने कार को फूल और रंग-बिरंगे गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया। सजी-धजी कार लेकर परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे। नवजात बेटी को गोद में लेकर परिवार के सदस्यों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी।
बेटी के स्वागत के लिए खास तैयारी
बेटी को घर ले जाने के लिए परिवार ने जिस तरह से तैयारी की, उसे देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी आकर्षित हुए। कार को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। परिवार का कहना था कि बेटी के जन्म को किसी उत्सव से कम नहीं माना जाना चाहिए।

मिताली प्रधान ने कहा कि “बेटी नहीं, घर में लक्ष्मी आई है।” उनके अनुसार, बेटी के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि बेटी का जन्म उनके परिवार के लिए खुशी और सौभाग्य लेकर आया है।
बेटियों के सम्मान का दिया संदेश
मिताली ने कहा कि बेटी के जन्म को लेकर परिवार में किसी तरह की मायूसी नहीं है, बल्कि सभी लोग इसे खुशी के रूप में मना रहे हैं। परिवार की इस सोच ने बेटियों के प्रति सकारात्मक नजरिया रखने और उनके सम्मान का संदेश दिया।
उन्होंने सदर अस्पताल में प्रसव और नवजात की देखभाल के इंतजाम की भी सराहना की। मिताली के अनुसार, अस्पताल में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं और प्रसव के बाद नवजात की देखभाल को लेकर भी व्यवस्था ठीक रही।
खुशी-खुशी नवजात को लेकर घर रवाना हुआ परिवार
अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिवार नवजात बेटी को लेकर सजी हुई कार से खुशी-खुशी घर रवाना हुआ। परिवार के इस अनोखे स्वागत की अस्पताल में भी चर्चा रही।
बेटी के जन्म पर कार सजाकर उसे घर ले जाने की यह पहल आसपास के लोगों के लिए भी एक भावनात्मक संदेश बन गई कि बेटियां बोझ नहीं, परिवार की खुशियों और भविष्य की उम्मीद हैं।