गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से पटना के निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
पटना। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। शुक्रवार सुबह छह बजे जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार पटना के गांधी घाट पर गंगा 49.17 मीटर पर पहुंच गई। यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। इस तरह गंगा खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंचने पर शहरी क्षेत्र में भी खतरा बढ़ने की बात कही गई है।
हाथीदह में भी गंगा ने पार किया खतरे का निशान
हाथीदह में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। यहां पानी का स्तर 41.88 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है।
इस हिसाब से हाथीदह में गंगा 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां भी जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है, जिससे आसपास के इलाकों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
दीघा घाट में खतरे के निशान से सिर्फ 25 सेमी नीचे
पटना के दीघा घाट पर भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यहां शुक्रवार को जलस्तर 50.20 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 50.45 मीटर है।
यानी दीघा घाट पर गंगा का पानी लाल निशान से महज 25 सेंटीमीटर नीचे है। यहां भी जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है।
वहीं मनेर में गंगा 51.65 मीटर पर पहुंच गई है। यहां खतरे का निशान 52 मीटर है। यानी मनेर में नदी का पानी खतरे के निशान से सिर्फ 35 सेंटीमीटर नीचे है।
गंगा के कई प्रमुख घाटों पर बढ़ रहा पानी
रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज से मुंगेर तक गंगा के अधिकांश प्रमुख गेज स्थलों पर जलस्तर बढ़ रहा है। प्रयागराज में 79.91 मीटर, वाराणसी में 68.70 मीटर और बक्सर में 58.88 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है।
इन इलाकों में बढ़ता जलस्तर पटना में भी गंगा के पानी पर दबाव बनाए हुए है। ऐसे में पटना के विभिन्न घाटों और नदी किनारे बसे इलाकों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल तटबंध और सुरक्षा संरचनाएं सुरक्षित
बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पटना शहरी सुरक्षा दीवार समेत निरीक्षित तटबंधों और सुरक्षा संरचनाओं की स्थिति फिलहाल सुरक्षित बताई गई है।
हालांकि गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता जरूरी है। गांधी घाट और हाथीदह में खतरे का निशान पार होने के साथ ही दीघा घाट और मनेर में भी पानी लाल निशान के काफी करीब पहुंच चुका है।
पटना में बढ़ी निगरानी की जरूरत
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच पटना के निचले इलाकों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है।
फिलहाल बाढ़ नियंत्रण विभाग ने निरीक्षित सुरक्षा संरचनाओं को सुरक्षित बताया है, लेकिन गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ना चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय में पानी किस स्तर तक पहुंचता है, इस पर स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।