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Home - देश - Baba Ramdev Statement: बच्चों को आंदोलन में क्यों धकेला जा रहा? रायपुर में बाबा रामदेव ने उठाया बड़ा सवाल

Baba Ramdev Statement: बच्चों को आंदोलन में क्यों धकेला जा रहा? रायपुर में बाबा रामदेव ने उठाया बड़ा सवाल

Akash Kumar
Last updated: अगस्त 17, 2026 11:26 पूर्वाह्न
By : Akash Kumar
Published on : 2 सप्ताह पहले
रायपुर में छात्र आंदोलनों और बच्चों को लेकर बाबा रामदेव का बयान
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रायपुर: योग गुरु बाबा रामदेव ने देश में चल रहे छात्र और युवा आंदोलनों को लेकर एक अहम टिप्पणी की है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश में असली चिंता हिंदू-मुस्लिम को लेकर नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर होनी चाहिए। उन्होंने छोटे बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल किए जाने पर सवाल उठाया।

बाबा रामदेव ने कहा कि किसी एक राजनीतिक दल, विपक्षी समूह या व्यक्ति के पास अकेले पूरे सिस्टम को बदलने की क्षमता नहीं है। उनके मुताबिक देश में स्थायी बदलाव के लिए राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर मिलकर काम करने की जरूरत है।

‘बच्चों को आंदोलन से दूर रखना चाहिए’

बाबा रामदेव ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर दिया। उनका कहना था कि छोटे बच्चों को आंदोलनों में आगे करने के बजाय उनकी शिक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

रायपुर में छात्र आंदोलनों और बच्चों को लेकर बाबा रामदेव का बयान

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बच्चे लगातार विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहेंगे और अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव करेंगे, तो उनकी पढ़ाई कब होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को राजनीतिक या सामाजिक आंदोलनों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

रामदेव के मुताबिक विरोध प्रदर्शन अगर किए जाएं तो वे संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए। उन्होंने आंदोलनों में अराजकता और हिंसा से बचने की जरूरत भी बताई।

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हिंदू-मुस्लिम से ज्यादा बच्चों के भविष्य की चिंता

रायपुर में दिए बयान में बाबा रामदेव ने देश में धार्मिक पहचान को लेकर होने वाली बहस के बजाय बचपन और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि देश के बच्चों और युवाओं के सामने शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े सवाल ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में सुधार किए बिना व्यवस्था में व्यापक बदलाव की उम्मीद करना मुश्किल है।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत

बाबा रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि देश के शिक्षा तंत्र को बेहतर बनाने की जरूरत है।

उनका जोर इस बात पर था कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरी सुविधाएं मिलें, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करके भविष्य के लिए तैयार हो सकें। उनके अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

Baba Ramdev – स्वास्थ्य व्यवस्था का भी किया जिक्र

रामदेव ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सिस्टम में सुधार केवल राजनीतिक स्तर पर नहीं हो सकता, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी काम करना जरूरी है।

उनके मुताबिक जागरूकता पैदा करने और व्यवस्था में सुधार के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

छात्र आंदोलनों के बीच आया बयान

बाबा रामदेव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र और युवा परीक्षा, भर्ती प्रक्रिया और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

झारखंड की राजधानी रांची में भी छात्रों का आंदोलन जारी है। TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक छात्र CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद सामने आया है।

ऐसे माहौल में रामदेव की बच्चों को आंदोलनों से दूर रखने की अपील चर्चा का विषय बन गई है।

‘आंदोलन हों, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से’

बाबा रामदेव ने आंदोलनों के अधिकार का विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन संवैधानिक, लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होने चाहिए। उनके मुताबिक आंदोलन का स्वरूप ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो या वे हिंसक और अराजक परिस्थितियों में पहुंच जाएं।

एक दिन पहले भी युवाओं के मुद्दे पर बोले थे रामदेव

बाबा रामदेव ने इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी शिक्षा, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी। उन्होंने सरकारी भर्ती व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर सवाल उठाते हुए युवाओं के असंतोष का जिक्र किया था।

इससे साफ है कि हाल के दिनों में रामदेव लगातार शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।

बच्चों की पढ़ाई को लेकर उठाया बड़ा सवाल

रामदेव के बयान का मुख्य फोकस बच्चों की पढ़ाई पर रहा। उनका सवाल है कि अगर कम उम्र के बच्चे लगातार आंदोलनों का हिस्सा बनेंगे, तो उनकी पढ़ाई और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।

हालांकि, छात्र आंदोलनों में शामिल लोगों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। कई छात्र परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों की भागीदारी और उनकी शिक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस आगे भी जारी रह सकती है।

TAGGED:Baba RamdevBaba Ramdev NewsBaba Ramdev StatementStudent Protest
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