बंगाली सिनेमा के दिग्गज निर्देशक राजा सेन का निधन
कोलकाता: बंगाली फिल्म जगत से रविवार को एक दुखद खबर सामने आई। तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके वरिष्ठ फिल्म निर्देशक राजा सेन का निधन हो गया। उन्होंने कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनकी उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 70 और 71 साल का जिक्र किया गया है।
राजा सेन पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। उनकी हालत गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद बंगाली फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीन बार National Award से सम्मानित हुए Raja Sen
राजा सेन का नाम उन निर्देशकों में शामिल रहा जिन्होंने बंगाली सिनेमा के साथ-साथ टेलीविजन और डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्हें कुल तीन National Film Awards मिले थे। उनकी डॉक्यूमेंट्री ‘Suchitra Mitra’ को Best Arts/Cultural Film की श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके बाद उनकी फिल्म ‘Damu’ और ‘Atmiyo Swajan’ को भी National Film Award से सम्मानित किया गया।
यही उपलब्धि उन्हें बंगाली सिनेमा के सबसे सम्मानित फिल्मकारों में जगह दिलाती है।
‘Damu’ से मिली खास पहचान
राजा सेन ने फीचर फिल्म निर्देशन की शुरुआत 1996 में ‘Damu’ से की थी। फिल्म में रघुवीर यादव सहित कई कलाकार नजर आए थे।

‘Damu’ को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों की भी सराहना मिली और फिल्म ने National Film Award हासिल किया। इसके बाद राजा सेन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बंगाली सिनेमा में कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया।
उनकी प्रमुख फिल्मों में Atmiyo Swajan, Desh, Debipaksha, Krishnakant er Will, Laboratory और Maya Mridanga जैसी फिल्में शामिल हैं।
टीवी और डॉक्यूमेंट्री में भी किया काम
राजा सेन का करियर सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने बंगाली टेलीविजन और डॉक्यूमेंट्री के क्षेत्र में भी लंबे समय तक काम किया।
उन्हें टेलीविजन धारावाहिक ‘Subarnalata’ से भी खास पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने कई चर्चित टीवी प्रोजेक्ट्स का निर्देशन किया।
डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार के रूप में उन्होंने बंगाल की कला और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों पर काम किया। इनमें रवींद्र संगीत की मशहूर गायिका सुचित्रा मित्र, फिल्मकार तपन सिन्हा और रंगमंच से जुड़े शंभु मित्र जैसे नाम शामिल हैं।
‘Desh’ में नजर आए थे जया बच्चन और अभिषेक बच्चन
राजा सेन की फिल्मों की खासियत यह भी रही कि उन्होंने बंगाली सिनेमा को दूसरे फिल्म उद्योगों के कलाकारों से जोड़ा।

उनकी 2002 में आई फिल्म ‘Desh’ में जया बच्चन और अभिषेक बच्चन ने काम किया था। इसके अलावा उन्होंने ‘Laboratory’ जैसी फिल्मों में भी चर्चित कलाकारों के साथ काम किया।
आखिरी दिनों में बिगड़ती गई तबीयत
रिपोर्टों के अनुसार राजा सेन को पहले पीठ से जुड़ी समस्या के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनकी सेहत में कई तरह की जटिलताएं सामने आईं। बाद में उन्हें एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी रही।
डॉक्टरों के मुताबिक उनके स्वास्थ्य पर कई जटिलताओं का असर पड़ा और इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में शोक
राजा सेन के निधन की खबर के बाद बंगाली फिल्म जगत की कई हस्तियों ने शोक जताया। उनके लंबे करियर और सिनेमा में योगदान को याद किया जा रहा है।
अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने भी उन्हें याद करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी और कहा कि राजा सेन एक अभिभावक जैसे थे। उनके निधन को बंगाली सिनेमा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।