सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद में परीक्षा पास करने और रैंक लिस्ट में जगह बनाने के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से केरल में अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में प्रदर्शन कर रहे लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) रैंक होल्डर्स ने सरकार का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचने के लिए अनोखा विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने दोना-पत्तल में घास और मिट्टी रखकर उसे खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
यह आंदोलन ऑल केरल LPST रैंक होल्डर्स एसोसिएशन के बैनर तले राज्य सचिवालय के बाहर चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा में सफल होने और आधिकारिक रैंक लिस्ट में नाम आने के बाद भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
मई 2025 में जारी हुई थी रैंक लिस्ट
केरल लोक सेवा आयोग (Kerala PSC) ने मई 2025 में एलपी स्कूल शिक्षकों की रैंक लिस्ट जारी की थी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सूची में नाम आने के बावजूद कई योग्य उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। इनमें ऊंची रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
नियुक्ति में देरी के कारण उम्मीदवार लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के बीच लगातार इंतजार करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी नाराजगी को अलग तरीके से सामने रखने के लिए घास और मिट्टी खाने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया।
13 दिन से अनशन पर थीं एसोसिएशन की सचिव
आंदोलन के दौरान एसोसिएशन की सचिव वलरमथी एस. भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थीं। 11 अगस्त को राज्य के शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। सरकार की ओर से मांगों की विस्तृत समीक्षा के लिए 45 दिन का समय मांगा गया, जिसके बाद वलरमथी ने अपना अनशन फिलहाल स्थगित कर दिया। हालांकि सचिवालय के बाहर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है।
अभ्यर्थियों की क्या मांग है?
रैंक होल्डर्स एसोसिएशन ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं।
| मांग | अभ्यर्थियों की अपेक्षा |
|---|---|
| नियुक्ति | मई 2025 की रैंक लिस्ट के आधार पर जल्द नियुक्ति पत्र जारी हों |
| खाली पद | स्कूलों और शिक्षा विभागों में रिक्त पदों की जानकारी समय पर PSC को भेजी जाए |
| रैंक लिस्ट | मौजूदा रैंक लिस्ट की वैधता अवधि बढ़ाई जाए |
| शिक्षक-छात्र अनुपात | अनुपात को 1:25 करने की मांग |
| हेडमास्टरों की जिम्मेदारी | हेडमास्टरों को नियमित कक्षाओं से अलग कर नए शिक्षक पद उपलब्ध कराने की मांग |
| भर्ती प्रक्रिया | निजी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति को PSC के माध्यम से कराने की मांग |
ये मांगें एसोसिएशन की ओर से रखी गई हैं; सरकार का अंतिम निर्णय इन पर समीक्षा के बाद सामने आएगा।
प्रदर्शन ने पकड़ा राजनीतिक रंग
मामला अब सिर्फ अभ्यर्थियों के आंदोलन तक सीमित नहीं रहा है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। एक विरोध के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से ठोस और लिखित फैसला नहीं आता, तब तक सचिवालय के बाहर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अब सरकार के जवाब पर नजर
फिलहाल सरकार ने मांगों पर विचार के लिए समय मांगा है और भूख हड़ताल को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि 45 दिनों की समीक्षा के बाद सरकार नियुक्ति को लेकर क्या फैसला करती है।