अररिया/ नेपाल: India-Nepal Border के समीप नेपाल के सुनसरी जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित देवानगंज गांव पालिका के कप्तानगंज इलाके में बोलबम यात्रा के दौरान बड़ा बवाल हो गया। धार्मिक झंडे और डीजे को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इस फायरिंग में एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। वहीं, एक इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी भी इस हिंसा में घायल बताए गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।
यह घटना भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के फुलकाहा बॉर्डर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर नेपाल के सुनसरी जिले में हुई। सीमा के इतने करीब हिंसा होने के कारण भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

बोलबम यात्रा के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को पिंडेश्वर धाम के लिए बोलबम यात्रा निकाली जानी थी। यात्रा में शामिल श्रद्धालु डीजे के साथ सप्तकोशी नदी की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने डीजे बजाने और धार्मिक झंडे को लेकर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई और फिर पत्थरबाजी तक पहुंच गया। देखते ही देखते पूरे इलाके में तनाव फैल गया और दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए।

हालात बिगड़े तो पुलिस ने की फायरिंग
मौके पर पहुंची नेपाल पुलिस ने भीड़ को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन जब हालात काबू से बाहर हो गए तो पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस की गोली लगने से 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रविवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस फायरिंग में कुल 9 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 22 वर्षीय मिथलेश यादव, 18 वर्षीय अमलेश मेहता, 25 वर्षीय मिथलेश मेहता और 20 वर्षीय अमित कुमार यादव का इलाज कोशी अस्पताल में चल रहा है। वहीं, 21 वर्षीय रविंद्र मेहता, 18 वर्षीय अमित कुमार यादव और 25 वर्षीय सुनील कुमार मेहता समेत अन्य घायलों का इलाज विराट नर्सिंग होम में किया जा रहा है।
हिंसा में पुलिसकर्मी भी घायल

सुनसरी के जिलाधिकारी बासुदेव घिमिरे के अनुसार, इस हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर सहित 8 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस निरीक्षक राकेश राई के सिर में गंभीर चोट लगी है। इसके अलावा गणेश नारायण श्रेष्ठ, नवराज पोखरेल, अमरलाल यादव, रामबहादुर राई, विजय यादव, बुद्धदेव साह और निवेश यादव भी घायल हुए हैं। सभी का इलाज चल रहा है।
फायरिंग के बाद आगजनी और तोड़फोड़
पुलिस फायरिंग में एक समुदाय के कई लोगों के घायल होने की खबर फैलते ही इलाके में गुस्सा बढ़ गया। नाराज लोगों ने कप्तानगंज बाजार में कई घरों, मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानों में आग लगा दी। कई जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पूरे इलाके में लगाया गया कर्फ्यू

घटना के बाद प्रशासन ने पूरे प्रभावित इलाके में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है। बड़ी संख्या में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
सीमा से सटे इलाकों पर भी नजर
चूंकि यह घटना India-Nepal Border के बेहद करीब हुई है, इसलिए बिहार के अररिया जिले के फुलकाहा और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि, भारतीय सीमा के भीतर किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल नेपाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर कर्फ्यू जारी रहेगा। पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

