लखीसराय: 25 जुलाई को आयोजित प्रतिरोध मार्च के दौरान हुई लखीसराय हिंसा और पथराव के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 19 संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। पुलिस ने आम लोगों से इन व्यक्तियों की पहचान बताने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
लखीसराय पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिरोध मार्च के दौरान समाहरणालय गेट और उसके आसपास कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर ईंट, पत्थर, डंडे, बोतलें और अन्य वस्तुएं फेंकी। इसके अलावा आसपास खड़े निजी वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज से की गई पहचान
मामले की जांच कर रहे एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग ड्रोन कैमरे और अन्य वीडियो माध्यमों से की गई थी। इन फुटेज का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद 19 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। पुलिस ने उनकी तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर जारी कर आम जनता से पहचान में सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को जारी तस्वीरों में दिख रहे संदिग्धों के बारे में जानकारी है, तो वह कबैया थाना, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय या लखीसराय पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
प्राथमिकी दर्ज, एक गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कबैया थाना में विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब तक एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जांच एजेंसियां ड्रोन फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मोबाइल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी संदिग्धों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रतिरोध मार्च के दौरान कैसे बिगड़े हालात?
जानकारी के अनुसार, राज्यव्यापी आंदोलन के तहत विपक्षी दलों के छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को लखीसराय में प्रतिरोध मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों की मांगों में विभिन्न मुद्दों के साथ हालिया विवादों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शामिल था।
पुलिस के अनुसार, जब मार्च को समाहरणालय गेट के पास रोका गया, तब स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और आसपास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
महिला सिपाही गंभीर रूप से घायल
इस हिंसक घटना में महिला सिपाही वर्षा कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, उनके सिर में पत्थर लगने से गहरी चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच शुरू की।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
एसडीपीओ शिवम कुमार ने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी आरोपितों की पहचान डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और यदि जारी तस्वीरों में किसी संदिग्ध की पहचान होती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि पुलिस द्वारा जारी तस्वीरों में शामिल सभी व्यक्तियों को संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया गया है। उनकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।