रोहतास: बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज शहर में रविवार को दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों ने एक ज्वेलरी शॉप में लूट की बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। शहर के व्यस्त तेंदुनी चौक के पास आरा रोड स्थित हीरा आभूषण भंडार में पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और दुकानदार को हथियार के बल पर धमकाते हुए सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी लेकर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लूटे गए सामान की कीमत ₹10 लाख से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आंकड़ा पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा।
दुकान संचालक प्रमीत कुमार उर्फ गुड्डू के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे पांच युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए। कुछ ही क्षण बाद उन्होंने हथियार निकाल लिए और गाली-गलौज करते हुए दुकान में रखी गोदरेज अलमारी की चाबी मांगी। जान का खतरा देखते हुए दुकानदार ने चाबी सौंप दी। इसके बाद अपराधियों ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में लिया और हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन अपराधियों ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि दो ने गमछे और नकाब से अपना चेहरा ढका हुआ था। सभी ने चश्मा पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान करना कठिन हो गया। घटना के दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही बिक्रमगंज के एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शहर के आभूषण व्यवसायियों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार हो रही लूट और चोरी की घटनाओं के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। आभूषण व्यवसायी संघ के नगर अध्यक्ष सिंटू कुमार ने कहा कि व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घटनाओं के बावजूद अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
वहीं, आभूषण व्यवसायी एवं भाजपा नेता मदन प्रसाद वैश्य ने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला।
बिक्रमगंज और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी आभूषण व्यवसायियों को निशाना बनाकर कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं। वर्ष 2020 में लाला जी आभूषण दुकान में बड़ी चोरी हुई थी। वर्ष 2021 में गोड़ारी के आभूषण व्यवसायी पर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इसके अलावा नकदी और आभूषण लूट, चोरी और हथियार के बल पर वारदातों के कई मामले दर्ज हुए, जिनमें से कई का अब तक पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका है। इन घटनाओं के कारण स्थानीय व्यापारियों में लगातार असुरक्षा की भावना बनी हुई है।

दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस लूट की घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था और बाजारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी संगठनों ने पुलिस प्रशासन से बाजार क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत करने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
