डेस्क: भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और कांग्रेस के नेतृत्व में हजारों छात्र अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने जेपी गोलंबर और इनकम टैक्स चौराहे के पास भारी बैरिकेडिंग कर दी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद कई छात्र सड़क पर डटे रहे और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
इस दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और छात्रा नेता भाग्य भारती समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए। उन्होंने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को पहले शांतिपूर्ण तरीके से समझाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किए जाने के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी। घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा है। इसी क्रम में मंगलवार का यह प्रदर्शन राजधानी पटना में बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। अब छात्रों की मांगों और इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है।