रक्षाबंधन के एक विज्ञापन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिंगर सोनू निगम के नाम से वायरल हुए एक फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट तक पहुंच गया है। एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस चल रही थी।
इसी बीच सोनू निगम के नाम से एक पोस्ट वायरल होने लगी, जिसमें हिंदू धर्म और उनकी सहनशीलता को लेकर तीखी टिप्पणी की गई थी। पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे सोनू निगम का बयान मान लिया।
मामला बढ़ा तो सोनू निगम खुद सामने आए और इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने वायरल खबर का स्क्रीनशॉट अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया और साफ कहा कि यह बयान उनका नहीं है। उन्होंने लिखा, ‘ये मैं नहीं हूं और मैं कभी ऐसा रहा ही नहीं।’
फर्जी अकाउंट से जुड़ा था बयान
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सोनू निगम के नाम से जो विवादित पोस्ट वायरल हुआ था, वह X यानी पहले ट्विटर पर मौजूद एक अकाउंट से शेयर किया गया था। लोगों ने इसे सिंगर का आधिकारिक अकाउंट समझ लिया। बाद में सामने आया कि वह अकाउंट सोनू निगम का नहीं है।
सोनू निगम पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वह X पर सक्रिय नहीं हैं। ऐसे में उनके नाम से किसी दूसरे अकाउंट से किया गया पोस्ट उनके आधिकारिक बयान के तौर पर पेश करना गलत था। सिंगर ने इसी बात को लेकर नाराजगी जताई और मीडिया रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए।
क्या लिखा था वायरल पोस्ट में?
वायरल पोस्ट में कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर हिंदू समाज की सहनशीलता और धैर्य का जिक्र किया गया था। इसमें कथित तौर पर कहा गया था कि हिंदू सहनशील होते हैं, लेकिन उनके धैर्य की बार-बार परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।
पोस्ट की भाषा काफी तीखी थी। इसी वजह से इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे सोनू निगम की राय मानकर शेयर करना शुरू कर दिया। हालांकि, सिंगर की सफाई के बाद साफ हो गया कि वायरल बयान को उनके नाम से गलत तरीके से जोड़ा गया था।
कृति सेनन का राखी विज्ञापन क्यों विवादों में आया?
पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन से शुरू हुआ था। विज्ञापन में कृति सेनन अपने भाई को राखी बांधती दिखाई दी थीं। उनके पहनावे और विज्ञापन की प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने आपत्ति जताई। विज्ञापन में कृति अपने पेट डॉग को भी राखी बांधती नजर आई थीं। इसे लेकर भी कई लोगों ने सवाल उठाए।
विज्ञापन को लेकर आलोचना बढ़ने के बाद अभिनेत्री कंगना रनौत समेत कुछ लोगों ने इसकी आलोचना की। दूसरी तरफ, कृति सेनन ने अपने पहनावे और विज्ञापन को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि किसी महिला के कपड़ों से उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान तय नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक संस्कृति और परंपरा व्यक्ति के दिल में होती है, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं।
विवाद बढ़ने के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन पर माफी मांगी और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया। इसके बाद मामला कुछ शांत हुआ, लेकिन सोनू निगम के नाम से वायरल हुए फर्जी पोस्ट ने इसे फिर चर्चा में ला दिया।
सोनू ने मीडिया को भी घेरा
सोनू निगम की नाराजगी सिर्फ फर्जी पोस्ट तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उस रिपोर्ट को भी निशाने पर लिया जिसमें वायरल बयान को उनके नाम से प्रकाशित किया गया था। उनका कहना था कि जिस अकाउंट से पोस्ट किया गया, वह उनका अकाउंट ही नहीं है।
इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर किसी सेलिब्रिटी के नाम से चलने वाले अकाउंट की पुष्टि किए बिना बयान प्रकाशित करने पर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर जब कोई विवादित बयान वायरल हो रहा हो, तब उसके स्रोत और अकाउंट की प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।
फिलहाल सोनू निगम ने साफ कर दिया है कि कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद पर वायरल हुआ विवादित बयान उन्होंने नहीं दिया था। उनके नाम से चल रही पोस्ट को फर्जी बताया गया है।
ऐसे में इस मामले में असली मुद्दा अब विज्ञापन से ज्यादा सोशल मीडिया पर फैलाए गए गलत बयान और उसकी बिना पुष्टि की गई रिपोर्टिंग बन गया है।